मजार की रखवाली करने वाला बाबा बना हैवान

लड़के की तहरीर पर जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर बाबा को गिरफ्तार कर लिया।

 

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Published: 13 Sep 2018, 09:45 PM IST

बाराबंकी. जिले में एक मज़ार के अन्दर मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। बच्चे से दुष्कर्म करने का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि मज़ार की देखरेख करने वाले बाबा पर ही लगा है। जिस तरह मन्दिर की देख रेख करने और वहां पूजा पाठ करने वाले को पुजारी कहते हैं उसी तरह मज़ार की व्यवस्था और देखरेख करने वाले को मुजावर कहते हैं। इसी मुजावर पर गुरुवार को एक लड़के ने अप्राकृतिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने बच्चे की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर बच्चे को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। आरोपी मुजावर को भी पुलिस ने गिरतार कर लिया है।

मामला बाराबंकी के रेलवे स्टेशन से सटी हुई एक मज़ार का है। जहां मज़ार की देख रेख करने वाले एक बाबा अहमद अली उर्फ कल्लू बाबा पर एक नाबालिग लड़के के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। मासूम बच्चे की तहरीर पर बाराबंकी की जीआरपी ने आरोपी बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बच्चे को चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

पीडि़त लड़के की अगर माने तो बाराबंकी के रेलवे स्टेशन पर हरदोई जनपद का रहने वाला एक बच्चा स्टेशन पर ट्रेन से आया था। ट्रेन से उतरने पर वहां जोरदार बारिश शुरू हो गयी और लड़का मज़ार देख कर पानी से बचने के इरादे से मज़ार में जाकर बैठ गया। तभी वहां के बाबा की नजऱ बच्चे पर पड़ी और उसने उसे दस रुपये कुछ खाने के लिए दिया। लड़का जब खा पीकर वापस आया तो बाबा ने लड़के से अपना पैर दबाने को कहा, जिसे लड़के ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया और उसके पैर दबाने लगा।
लड़के द्वारा पैर दबाने की बात मानने के बाद वह अपने असली रंग में आ गया। बाबा ने लड़के को 3 सौ रुपये देकर उसकी बात मानने को कहा। जिसपर लड़के ने इनकार कर दिया। इस पर बाबा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बाबा ने मज़ार के दरवाजे को बन्द कर लिया और लड़के के साथ जबरन अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। बाबा से छूटने के बाद लड़के ने रेलवे स्टेशन पर ही जीआरपी को आपबीती सुनाई। जिस पर लड़के की तहरीर पर जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर बाबा को गिरफ्तार कर लिया।

बाराबंकी के जिला अस्पताल के डॉक्टर ने साफ-साफ तो कुछ नहीं बताया मगर काफी कुरेदे जाने के बाद उन्होंने बताया कि लड़के को लेकर जीआरपी के लोग आए थे। जिसका चिकित्सीय परीक्षण उनके द्वारा किया गया है। ऐसे मामले में नमूने भेजने पड़ते है जो संग्रहीत कर लिए गए है। जीआरपी ने जो कागज उनके पास भेजे थे उसमें पास्को एक्ट लगा हुआ था। इस मामले को लेकर जब हमने जीआरपी पुलिस से बात करनी चाही तो उन्होंने यह कहते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि वह कुछ बताने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

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