ट्रेन में बच्चे को प्यार से छेड़ने पर..अगर भटका आपका ध्यान, तो ये लुटेरे लूट लेंगे आपकी गाढ़ी कमाई

बाराबंकी की जीआरपी ने एक ऐसे गिरोह का भांडाफोड़ किया, जो ट्रेनों में लूटपाट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।

बाराबंकी. भारतीय रेलवे से यात्रा सबसे सुरक्षित यात्रा मानी जाती है। मगर यहां भी खतरा हो सकता है। यह बात हम नहीं बल्कि रेलवे पुलिस खुद कह रही है। बाराबंकी की रेलवे पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो ट्रेन में लूटपाट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद-हराम किये हुए थे। रेलवे पुलिस ने इस गिरोह के कब्जे से लूट और चोरी के जेवरात, 3 लाख रुपये नकद और 17 मोबाइल फोन बरामद किये हैं।

जीआरपी ने बड़े गिरोह का किया भांडाफोड़

बाराबंकी की जीआरपी ने एक ऐसे गिरोह का भांडाफोड़ किया, जो ट्रेनों में लूटपाट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पहले धनाढ्य लोगों की रेकी करता था और फिर वहां उनके बच्चे को प्यार से छेड़ देता था। जिससे बच्चा रोने लगता था और जैसे ही बच्चे के माता-पिता का ध्यान अपने सामान से हटकर बच्चे की तरफ जाता था, वैसे ही यह उनके सामान पर हाथ साफ कर देते थे और फिर चल देते थे अपने अगले शिकार की तरफ। पुलिस ने गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17 मोबाइल फोन, लूट और चोरी के जेवरात और 3 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है। पुलिस अब इनके और साथियों सहित इनका आपराधिक इतिहास का पता लगाने में जुट गयी है।

यह भी पढ़ें: भले ही कम हो रही हो कोरोना के मरीजों की संख्या, लेकिन अभी टला नहीं खतरा, न करें ये गलतियां

काफी समय से लूटपाट कर रहा था गिरोह

बाराबंकी जीआरपी के थाना प्रभारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से ट्रेनों में लूटपाट में सक्रिय था। इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह लोग विभिन्न ट्रेनों में लूट और चोरी की घटनाओं को अन्जाम देते थे। यह लोग पहले यात्रियों की रेकी करते थे, फिर धनाढ्य लोगों के पास जाकर उनसे घुलने मिलने का काम करते थे। उनके किसी छोटे बच्चे को प्यार से छेड़ देते थे और जब बच्चा रोने लगता था और उसके माता-पिता का ध्यान अपने सामान से हटकर बच्चे की तरफ चला जाता था, तो यह लोग मौका देखकर सामान पर हाथ साफ कर देते थे। पुलिस ने इसके कब्जे से 3 लाख रुपये की नकदी, लूट और चोरी के जेवरात के साथ 17 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह में और भी लोग हो सकते हैं। यह भी इनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही इनके आपराधिक इतिहास की कुण्डली भी खंगाली जा रही है।

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned