बाराबंकी घूसकांड मामले में एसपी डॉक्टर सतीश कुमार सस्पेंड, डीजीपी की सिफारिश पर चुनाव आयोग की संस्तुति, जल्द होगी नए एसपी की तैनाती

बाराबंकी के साइबर सेल प्रभारी दरोगा अनूप यादव द्वारा विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के संचालक को धमकाकर 65 लाख रुपये वसूलने के मामले में एसपी डॉ. सतीश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।

बाराबंकी. बाराबंकी के साइबर सेल प्रभारी दरोगा अनूप यादव द्वारा विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के संचालक को धमकाकर 65 लाख रुपये वसूलने के मामले में एसपी डॉ. सतीश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर एसपी बाराबंकी के निलंबन के प्रस्ताव पर चुनाव आयोग ने एक्शन ले लिया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। नए पुलिस अधीक्ष की तैनाती के लिए चुनाव आयोग को तीन नामों का पैनल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि शाम तक नए एसपी की तैनाती हो जाएगी।


दरअसल डीजीपी मुख्यालय ने विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के निदेशकों की वसूली की शिकायत पर जो जांच कराई है उसमें एसपी बाराबंकी डॉक्टर सतीश कुमार की भूमिका सवालों के घेरे में है। इसके साथ ही विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा ग्राहकों से धोखाधड़ी के मामले में की गई कार्रवाई में भी एसपी बाराबंकी का रवैया काफी ढीलाढाला था। इसी मामले में दरोगा अनूप को घूस लिए जाने के मामले में हजरतगंज पुलिस ने एक अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दरोगा के खिलाफ बर्खास्तगी की भी कार्रवाई की गई है। इस मामले में एक सिपाही अंकित की भी लखनऊ पुलिस को तलाश है, जिसकी गिरफ्तारी को लेकर उसकी पत्नी से पूछताछ की जा चुकी है। सिपाही अंकित की पत्नी का आरोप है कि पुलिस उनपर दबाव बना रही है और उसे परेशान कर रही है।


दरअसल दरोगा अनूप यादव ने जिस मुकदमे का हवाला देकर विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के निदेशकों से 65 लाख रुपये वसूले थे उस मुकदमे की जांच भी शुरू हो गई है। बाराबंकी में हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के बहरौली निवासी निवेशक सांवले शर्मा की तहरीर पर यह मामला बाराबंकी कोतवाली में 10 जनवरी 2019 को फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज किया गया था। सांवले का आरोप था कि कंपनी द्वारा शेयर बाजार में पैसा लगवाकर मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी की गई। इस मामले में जिस दिन एफआईआर दर्ज हुई उसी दिन आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई थी और जांच ईओडब्ल्यू को दे दी गई थी। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट/सर्विलांस प्रभारी अमरेश कुमार बघेल, साइबर सेल प्रभारी अनूप यादव, सिटी चौकी इंचार्ज रितेश कुमार पांडेय और साइबर सेल के सिपाही अंकित शामिल थे। इन सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।

आकांक्षा सिंह
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