पीएम आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 15 अपात्रों को दे दिया आवास, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पांच अफसरों पर केस दर्ज

मामला रामनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेेखपुर अल्लीपुर का है।

बाराबंकी. जनपद बाराबंकी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया, जिसपर हाईकोर्ट के एक्शन के बाद अब बड़ी कार्रवाई हुई है। दरअसल यहां फर्जी तरीके से दूसरे के पहचान पत्र पर खाता खोलकर 15 अपात्र लोगों का आवास देने के मामले में पांच अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और गलत रेकॉर्ड तैयार करने की शिकायत दर्ज कराई गई। जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की है। शिकायत के बाद इस मामले की निगरानी हाई कोर्ट खुद कर रहा है।

शेखपुर अल्लीपुर का मामला

मामला रामनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत शेेखपुर अल्लीपुर का है। यहां पर फर्जी तरीके से दूसरे के पहचान पत्र पर खाता खोलकर 15 अपात्रों का आवास देने के मामले में कोतवाली फतेहपुर में एडीओ पंचायत पूरेडलई, एडीओ पंचायत रामनगर, एक रिटायर्ड एडीओ पंचायत सहित पांच अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित रेकॉर्ड तैयार करने की शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच नामित अधिकारियों से कराई, तो इसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर सभी के खिलाफ फतेहपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की है। बीडीओ रामनगर कमलेश कुमार ने कोतवाली फतेहपुर में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा है कि रामनगर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत शेखपुर अलीपुर के निवासी रामलखन ने नौ जून को एक शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में गड़बड़ी की गई है। इस पर हाई कोर्ट ने 26 नवंबर को जांच रिपोर्ट तलब की थी। इस पर गठित जांच टीम में सहायक निदेशक मस्त्य वीके चैरसिया और बीडीओ की टीम बनाई गई। जांच में ग्राम पंचायत वर्ष 2016-17 में आठ, 2017-18 में चार और वर्ष 2018-19 में तीन कुल 15 ऐसे लोगों को आवास योजना का लाभ दिया जाना पाया गया जिनके पास पहले से पक्के आवास थे।

पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मामले में मुकदमा होने से वह संतुष्ट तो हैं, लेकिन इसमें अभी भी कई लोग ऐसे हैं जिपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि उन सभी की संलिप्तता इस मामले में है। ग्रामीणों ने बताया कि तमाम अपात्रों को यहां पीएम आवास दिया गया, जिनको जिन्हें असल में जरूरत थी, वह आज भी झोपड़ी में अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। वहीं जिला पंचायत अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में अपात्रों को आवास देने की जांच अधिकारियों से कराई गई थी। मामला सही पाए जाने के बाद डीएम के निर्देश पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

नितिन श्रीवास्तव
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