1.75 लाख लाभार्थियों का आंकड़ा जुटा रहा आईसीडीएस, डिजिटलीकरण के बाद मिलेगा सीधा लाभ

बाल विकास विभाग द्वारा जनपद के सभी विकास खण्डों पर कार्यरत सीडीपीओ, मुख्य सेविका और आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लाभार्थियों के डिजिटलीकरण के संबंध में वीडियों कॉल के माध्यम से विभिन्न पहलूओं पर जानकारी दी गई है।

बाराबंकी. बाल विकास विभाग द्वारा जनपद के सभी विकास खण्डों पर कार्यरत सीडीपीओ, मुख्य सेविका और आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लाभार्थियों के डिजिटलीकरण के संबंध में वीडियों कॉल के माध्यम से विभिन्न पहलूओं पर जानकारी दी गई है। जिले के 3052 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने केन्द्र पर उपस्थित रहकर पंजिकृत कुल 1 लाख 75 हजार से अधिक लाभार्थियों के विवरण 30 जून तक पूरा करेंगी। इस अभियान में 7 माह से 3 वर्ष के बच्चे, 3 से 6 वर्ष तक के बच्चे गर्भवती व धात्री माताएं समेत 11 से 14 वर्ष की स्कूल ना जाने वाली किशोरियां शामिल हैं। डिजिटलीकरण के बाद पात्र लाभार्थियों को सभी कार्यक्रमों की जानकारी और सीधा लाभ मिल सकेगा।

 

 

बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि विभाग के प्रदेश निदेशक डा सरिता मोहन ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिले के सभी बाल विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 30 जून तक सभी लोग लाभार्थियों का पूर्ण विवरण प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्र पर पंजीकृत 7 माह से 3 वर्ष के बच्चे, 3 से 6 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती व धात्री माताएं समेत 11 से 14 वर्ष की स्कूल ना जाने वाली किशोरी बालिकाओं से संबंधित सूचना उनके माता-पिता का नाम, उनका स्वयं का आधार नंबर, यदि उनका आधार नहीं बना है तो परिवार के राशन कार्ड का नंबर तथा मोबाइल नंबर के साथ जन सेवा केंद्र के माध्यम से निशुल्क लाभार्थियों का डिजिटलीकरण की कार्यवाही की रणनीति तैयार की गई है।

 

 

डीपीओ ने बताया जनपद में 7 माह से 3 वर्ष के 18551 बच्चे, 3 से 6 वर्ष के 74939 बच्चे, 77876 गर्भवती, धात्री माताएं तथा 3635 किशोरिया जो 11 से 14 वर्ष की है और स्कूल नहीं जाती है पंजीकृत है। इन सभी लाभार्थियों के पूरे विवरण आनलाइन फॉर्म पर जन सेवा केंद्र के माध्यम से फीड किए जाएंगे। यह राज्य सरकार द्वारा व्यवस्था पहली बार की गई है जिसमें निर्धारित समय सारणी के अनुसार 25 से 30 जून तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्धारित प्रारूप पर अपने सभी लाभार्थियों से संबंधित समस्त विवरण की पंजिका तैयार करनी है। जिसके प्रत्येक पृष्ठ पर उनके द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा। एक से 5 जुलाई तक जन सेवा केंद्र के प्रतिनिधि द्वारा सूचना प्राप्त कर आनलाइन फॉर्म में फीडिंग की जाएगी। साथ ही 5 से 7 जुलाई तक बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा समस्त डाटा को सत्यापित किया जाएगा । इसके बाद 7 से 10 जुलाई के बीच में वह डाटा निदेशालय शासन व भारत सरकार को प्रेषित किया जाएगा।

 

 

उन्होंने बताया सरकारी गाइड लाइन के तहत कोविड-19 के सावधानियों का भली भांति पालन भी करना होगा। इसके लिए वह मास्क व ग्लस्ब के प्रयोग के साथ ही साथ एक घण्टे के अन्तराल पर साबुन द्वारा भी हाथ पैर भी धोने का कार्य बराबर करती रहेगी।

 

नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned