पेशी पर आए दो हत्यारे भाइयों को सिपाही ने पहुंचाया उनके घर, पुलिस अधिकारियों में मचा हड़कंप

पुलिस के आलाधिकारियों तक ये बात पहुंची तो आरोपी सिपाही को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया...

बाराबंकी. कैदियों को पेशी पर लाते और ले जाते पुलिसवाले अक्सर लापरवाही करते हैं। बाराबंकी पुलिस ने तो लापरवाही की हद ही कर दी। ड्यूटी पर लगे एक सिपाही ने बिना किसी परमिशन के कैदियों को उनके घर ही पहुंचा दिया। कैदियों की अपने घरवालों के साथ फोटो वायरल हुई तो हड़कंप मच गया। जब ये बात पुलिस के आलाधिकारियों तक पहुंची तो आरोपी सिपाही को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।

 

कैदियों कतो पहुंचाया घर

मामला कुर्सी थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव से जुड़ा है। जहां साल 2008 में कैलाश तिवारी हत्याकांड के मामले में गांव के ही देशराज यादव, जगदीश और रामकुमार यादव को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। एक मुलजिम राम कुमार यादव की जेल में रहते हुए ही मौत हो चुकी है, जबकि दो भाई देशराज और जगदीश जेल में रहकर सजा काट रहे हैं। इन पर गैंगेस्टर मामले में भी मुकदमा चल रहा है।

 

कोर्ट में थी पेशी

जानकारी के मुताबिक सोमवार को दोनों भाइयों की गैंगेस्टर मामले में पेशी थी और पुलिस लाइन में तैनात सिपाही विवेक मिश्रा को इनकी सुरक्षा में लगाया गया था। दोपहर बाद दोनों भाइयों की पेशी कराकर सिपाही विवेक उनको उनके गांव अकबरपुर लेकर चला गया। गांव के लोगों ने जब सजायाफ्ता भाइयों को देखा तो वहां हड़कंप मच गया। लोगों का आरोप है कि इन सजायाफ्ता भाइयों ने पीड़ित के घर जाकर सुलह करने की धमकी भी दी तभी किसी ने इनकी फोटो खींच ली और उसे वायरल करते हुए पुलिस अधिकारियों को भी भेज दिया।

 

सिपाही को किया गया सस्पेंड

मामले की जानकारी पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। उधर फोटो खींची जाती देख सिपाही दोनों सजायाफ्ता भाइयों को लेकर वापस हो लिया। मामले की गंभीरता देख प्रभारी पुलिस अधीक्षक दिगम्बर कुशवाहा ने मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। जांच में सिपाही की लापरवाही की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया और कुर्सी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।

नितिन श्रीवास्तव
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