भारत में पहली बार टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म देगी गाय

भारत में पहली बार टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म देगी गाय

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 03 2018 02:17:14 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

भारत में ऐसा पहली बार होगा कि गाय के टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म दिया जाएगा

बाराबंकी. भारत में ऐसा पहली बार होगा कि गाय के टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म दिया जाएगा। इसके लिए बाराबंकी में चक गंजरिया निबलेट फार्म में परख नली से गाय के भ्रूण बनाने पर शोध शुरू हो गया है। इसके बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसके लिए अच्छी नस्ल की एक गाय के हार्मोन्स के जरिये कम से कम 16 भ्रूण तैयार किए जाएंगे। लेकिन इन्हें सबसे पहले लैब में एक परख नली में रखा जाएगा और भ्रूण को कृत्रिम तापमान से सात दिन तक विकसित होने के बाद इन्हें उन गायों में इम्प्लांट किया जाएगा, जो कम दूध देती हों। यह पहल बाराबंकी के अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडू, उत्तरांचल, पंजाब, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में शुरू की जा रही है।

बढ़ेगी दूध की गुणवत्ता

इस रिसर्च में पशु चिकित्सक का कहना है कि ऐसा करने से जन्मे बछड़े की दूध की गुणवत्ता बढ़ेगी। करीब 5 साल से चल रहे भ्रूण प्रत्यारोपण की तकनीक को हाईटेक बनाया जा रहा है। ऐसे में प्रयोगशालाओं को विकसित करने के लिए करीब 40 करोड़ का खर्च आएगा।

इस प्रोसेस से जन्मेगा टेस्ट ट्यूब बेबी

पशु विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार के मुताबिक टेस्ट ट्यूब बेबी के जन्म के लिए उस गाय को मंगवाया जाएगा जो सर्वाधिक दूध देती हो। गाय के गर्भ से अंडे निकालकर लैब में उसे 24 घंटे तक विकसित किए जाएंगे। इसके बाद उच्चगुणवत्ता के सीमेन से उसे परखनली (पेटीड्रिस) में डाल दिया जाएगा। अंडों को प्रॉपर मीडियम उन्हें परखनली में सात दिनों तक विकसित किया जाएगा। परखनली में 4 से 5 भ्रूण तैयार कर ऐसी गायों में इम्प्लांट किया जाएगा, जो कम दूध दे रही हों। इस पूरी प्रक्रिया के बाद गाय से जन्म लेने वाले बछड़े को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है। उसके बाद निश्चेचन उच्चगुणवत्ता के सांड़ के सीमेन से परखनली (पेट्रीडिस) में डाल दिया जाएगा। उचित माध्यम में अंडों को रखकर परखनली में सात दिनों तक विकसित किया जाएगा।

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