जन्मजात कटे होठ और कटे तालू का निशुल्क पंजीकरण, 38 बच्चों का हुआ रजिस्ट्रेशन

जन्मजात कटे होठ व तालू की समस्या लगभग 3 हजार से 5 हजार जीवित शिशुओं में से एक को हो सकती है। यह होंठ के दोनों तरफ अथवा एक ही तरफ सम्भव है।

बाराबंकी. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं अमेरिका की स्माइल ट्रेन संस्था के सहयोग से प्रदेश के विख्यात अस्पताल हेल्थसिटी ट्रामा सेन्टर एवं सुपरस्पेशियालटी हास्पिटल, लखनऊ के प्लास्टिक माइक्रोवैस्कुलर काॅस्मेटिक एवं क्रेनियोफेशियल सर्जरी विभाग द्वारा जन्मजात कटे होठ एवं कटे तालू के मरीजों के लिये निःशुल्क पंजीकरण प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 5 बजे तक 15 अप्रैल तक किया जायेगा। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 38 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा बीकेएस चैहान ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से सम्बद्ध स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुये कहा कि कई बच्चों के होठ व तालू जन्मजात कटे होते हैं और पूर्ण रूप से स्वस्थ बच्चे की मुस्कान ही उसका आत्मविश्वास जगाती है और इस आत्मविश्वास को वापस लाने में अमेरिका की स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट के निदेशक डा वैभव खन्ना और प्रदेश का प्रख्यात अस्पताल हेल्थसिटी ट्रामा सेन्टर एवं सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल सार्थक भूमिका निभा रहे है। जन्मजात कटे होठ व तालू की समस्या लगभग 3 हजार से 5 हजार जीवित शिशुओं में से एक को हो सकती है। यह होंठ के दोनों तरफ अथवा एक ही तरफ सम्भव है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी, आरबीएसके बाराबंकी डा डीके श्रीवास्तव ने प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुये कहा कि यह बीमारी बच्चों में जन्मजात होती है तथा प्लास्टिक सर्जरी द्वारा बच्चों के चेहरे पर मुस्कान वापस लाई जा सकती है। इस संस्था द्वारा किसी भी उम्र के लोगों का इलाज पूर्णतया निःशुल्क है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत डा वैभव खन्ना जी के नेतृत्व में 1हजार से अधिक मरीजों का निःशुल्क सफल आपरेशन किया जा चुका है।

डा वैभव खन्ना (एम0एस0,एम0सी0एच0) प्लास्टिक सर्जन/प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्माइल ट्रेन ने अवगत कराया कि यह जन्मजात विकार अन्य विकारों की अपेक्षा बहुतायत में पायी जाती है। माता-पिता शुरूआती दौर में इस बीमारी को समझ नहीं पाते हैं। समय से उचित चिकित्सीय परामर्श न मिलने से इस बीमारी का इलाज मुश्किल हो जाता है। अगर पैदायशी कटे होठ वाला बच्चा जन्म से 4 माह तक और कटे तालू वाले बच्चे का इलाज जन्म के 8 माह से 15 माह के दौरान किया जाय तो बच्चे के चेहरे पर जीवन भर मुस्कान रहती है। हेल्थसिटी ट्रामा सेन्टर एवं सुपरस्पेशियालटी हास्पिटल में संचालित स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट का यही वास्तविक उद्देश्य है। यदि आपके बच्चे की उम्र उसके आगे निकल गयी है तो भी सर्जरी हो सकती है पर सही समय पर सर्जरी कराने से नतीजा सामान्य से ज्यादा अच्छा होता है। यह सर्जरी किसी भी उम्र के रोगियों के लिये निःशुल्क उपलब्ध है।

डा एके सिंह, डीईआईसी मैनेजर आरबीएसके ने बताया कि जन्मजात कटे होठ व तालू की विकृति सर्जरी व अन्य उपचारों से पूरी तरह ठीक हो सकती है। इसके सम्पूर्ण इलाज में क्रेनियोफेशियल व आर्थोग्नैतिक सर्जरी जैसी प्रक्रियाओं का भी इस्तेमाल होता है। इस बात को प्रमुखता के साथ उल्लेखित किया गया कि बच्चों का सही समय पर इलाज कराने से यह जन्मजात विकृति पूर्णतयः सही हो सकती है।

हेल्थसिटी ट्रामा सेन्टर एवं सुपरस्पेशियालटी हास्पिटल लखनऊ द्वारा आयोजित इस शिविर में पंजीकृत रोगियों का सम्पूर्ण इलाज पूर्णतया निःशुल्क किया जायेगा। अब तक 38 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। अभी यह पंजीकरण 15.04.2021 तक चलेगा। अधिक जानकारी के लिए स्माइल टेªन संस्था के प्रतिनिधि नीरज कुमार शर्मा के मोबाइल नं0 9454159999, 9565437056 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

नितिन श्रीवास्तव
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