जनपद में खुशहाल परिवार दिवस के तहत 1429 दंपत्तियां को लाभ

जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खुशहाल परिवार दिवस कार्यक्रम के रूप में मनाया गया।

बाराबंकी. जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खुशहाल परिवार दिवस कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। इसके अंतर्गत आने वाले सभी लक्ष्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के समस्त स्थाई एवं अस्थाई साधनों के बारे में परामर्श देकर उनको उनकी सुविधा एवं इच्छानुसार परिवार नियोजन के साधन उपलब्ध कराए गए। इस कार्यक्रम के तहत अब तक एचआरपी की 534, नवविवाहित 529, एक या 2 बच्चे वाले 264 व तीन से अधिक बच्चे वाले 102 सहित कुल करीब 1429 लक्षित दम्पतियों को परिवार नियोजन के साधन देते हुए जागरूक किया गया।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. इमरान का कहना है कि समुदाय स्तर पर परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर दिया जा रहा है। जनपद में यह कार्यक्रम जिला अस्पताल सहित 15 सामुदायिक केंद्र और एक प्राथमिक केंद्रों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंतर्गत जनपद के लक्ष्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधन में पीपीआइयूसी 27, आईयूसीडी 88, छाया 757, माला एन 737 समेंत 2809 पुरूष निरोधक साधन कैंम्प लागकर वितरित किया गया। कार्यक्रम के तहत जिले के करीब 1429 लक्ष्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों के बारे में जागरूक करते हुए विभिन्न जरूरी सेवा उपलब्ध कराये गये। इसके साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर एक अनूठी पहल के तहत अब हर माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि खुशहाल परिवार दिवस को लेकर पहले से ही सीएचसी में आने वाले हर मरीज को उक्त दिवस पर परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे जानकारी दी जाती हैं। ताकि समय से जुड़कर विभिन्ने सेवाओं के बारे लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा कार्यकर्ता सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कोशिश रहती है कि जितने भी मरीज सीएचसी में आते हैं, वह उन्हें इस बात के लिए राजी करें कि वह परिवार नियोजन का कोई न कोई साधन जरूर अपनाएं। उन्होंने बताया कि वह हर व्यक्ति को दो बच्चों के सीमित परिवार के बारे में लगातार जागरूक कर रही हैं।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का उद्देश्य

परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए शासन के निर्देश पर अब हर माह की 21 तारीख को खुशहाल दिवस मनाया जाता है, जहां दंपति को परिवार नियोजन के साधन उपलब्ध कराने के साथ उनकी जरूरत पर उनकी काउसंलिंग की जाती है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी परिवार नियोजन सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस कार्यक्रम में एक जनवरी 2020 के बाद प्रसव वाली उच्च जोखिम गर्भावस्था में चिन्हित महिलाएं, नव विवाहित दम्पति (जिनका विवाह इस साल जनवरी के बाद हुआ है) और वह दम्पति, जिनके तीन या तीन से अधिक बच्चे हैं, उन्हें परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करते हुए विस्तार से जानकारी दी जाती है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ता बता रहे परिवार नियोजन के फायदे

खुशहाल परिवार दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों से परिवार नियोजन के साधनों को अपनाकर सीमित परिवार रख खुशहाल जीवन बिताने की अपील की। वहां मौजूद वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुशहाल परिवार की परिभाषा बताते हुए इसके लाभ बताए। उन्होंने दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर रखने पर भी जोर दिया। बताया गया कि बच्चों के बीच तीन साल का अंतर मां और बच्चों दोनों की सेहत के लिए जरूरी है।

नितिन श्रीवास्तव
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