बाढ़ग्रस्त गांवों में अपने ही आशियाने को तोड़ने पर मजबूर ग्रामीण, देखें वीडियो

तहसील सिरौलीगौसपुर के बाढ़ग्रस्त गांव जैसे तिलवारी, सनावा, सरायसुर्जन आदि गांवों में ग्रामीणों ने अपना घर खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है।

By: नितिन श्रीवास्तव

Published: 30 Aug 2020, 09:04 PM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

बाराबंकी. सरयू नही की बाढ़ की कटान रोकने के लिए सरकार हर साल करोड़ो रूपये का बजट खर्च करती है, जिससे ग्रामीणों को बाढ़ और उसकी कटान से बचाया जा सके। मगर हर साल सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ जाती है। इस साल भी सरकार ने बाढ़ और नदी से होने वाली कटान के समाधान के लिए करोड़ो का बजट दिया, मगर परिणाम हर साल की तरह फिर वही ढाक के तीन पात रहा। तहसील सिरौलीगौसपुर के बाढ़ग्रस्त गांव जैसे तिलवारी, सनावा, सरायसुर्जन आदि गांवों में ग्रामीणों ने अपना घर खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि जिस तरह से नदी किनारों को काट रही है उससे उनका घर जल्द ही नदी में समा जाएगा। इसके अलावा विद्युत पोल से ग्रामीण स्वयं लाइट काट रहे हैं और अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बाढ़ की इस कटान से चारो तरफ अफरा-तफरी का माहौल है।

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