जिले के इन दो युवाओं ने पीएम मोदी के सपने को किया सच, हाई क्वालिटी एफएमसीजी प्रोडक्ट के जरिए बाराबंकी को बनाया वोकल फॉर लोकल

- इन दो युवाओं ने अपने पारम्परिक व्यवसाय में बदलाव करते हुए लिया बड़ा फैसला

- बाराबंकी जनपदीय स्तर पर बेहतर क्वॉलिटी के एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की श्रृंखला की शुरू

- जिले के ग्राम पारा खन्दौली में एचआर फूड्स (HR Foods) नाम से स्थापित की एक कार्यशाला

बाराबंकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील आपदा में अवसर और वोकल फॉर लोकल से बाराबंकी के दो युवाओं रोहताश्व गुप्ता और मोहित गुप्ता इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने उनके सपने को सच करने की ठान ली। इन दो युवाओं ने अपने पारम्परिक व्यवसाय में बदलाव करते हुए बड़ा फैसला लिया और बाराबंकी जनपदीय स्तर पर बेहतर क्वॉलिटी के एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की श्रृंखला शुरू करने की ठानी। जिसके लिए उन्होंने बाराबंकी जिले के ग्राम पारा खन्दौली में एचआर फूड्स (HR FOODS) नाम से एक कार्यशाला स्थापित की।

शुरू किया निर्माण

इस कार्यशाला में कोल्हू द्वारा निर्मित कच्ची घानी (सरसों, मूंगफली, नारियल व तिल का तेल) एवं मल्टीग्रेन नवरत्न आटा, चोकरयुक्त आटा, पौष्टिक आटा, बेसन, मल्टीग्रेन पौष्टिक दलिया, देसी सत्तू, पिंक साल्ट, देसी अरहर दाल (तुअर दाल), चना दाल, धुली मूंग दाल, मसूर दाल, मूंग दाल, साबुत मूंग, राजमा, राजमा चित्रा, उरदा दाल धुली, काला चना, काबली चना, बासमती चावल इत्यादि खाद्य सामग्री का राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्माण कराना शुरू कियाl ये इन दोनों की मेहनत का ही नतीजा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के समय में भी सारी गाइडलाइंस को ध्यान में रखकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एचआर फूड्स की श्रृंखला को आम जनता के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।

पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल

रोहताश्व गुप्ता का कहना है कि कोरोना काल में भी वह पारंपरिक तरीकों से बनाने के कारण इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व पौष्टिकता भरपूर मात्रा में उपलब्ध होती है और भरपूर प्रोटीन व फाइबर होने की वज़ह से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।

बाराबंकी को राष्ट्रीय स्तर पर मिले पहचान

मोहित गुप्ता का कहना कि वह इस कार्यशाला के जरिये इसमें स्थानीय युवाओं व लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य यह भी है कि बाराबंकी से राष्ट्रीय स्तर के एफएमसीजी उत्पादकों की श्रृंखला का पूरे देश में विस्तार किया जाए और इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नौजवानों को खास तौर पर उत्तर प्रदेश भर के लोगों को अलग-अलग स्वरूप में रोजगार भी मिल सके। जैसे-कामगार के रूप में, वितरक के रूप में व डीलर के रूप में।

नितिन श्रीवास्तव
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