पीएम मोदी हुए सख्त, डीएम अखिलेश तिवारी से किया सवाल, बाराबंकी की ऐसी हालत क्यों?

पीएम मोदी हुए सख्त, डीएम अखिलेश तिवारी से किया सवाल, बाराबंकी की ऐसी हालत क्यों?

Nitin Srivastava | Publish: Mar, 14 2018 02:30:10 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

दरअसल मामला मंगलवार को हुई पीएम मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का है...

बाराबंकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बाराबंकी के जिलाधिकारी से एक ऐसा सवाल कर लिया जिसका जवाब देने के लिए शायद उनके पास शब्द नहीं थे। शायद इसीलिए तो पीएम मोदी को पूछना पड़ गया कि जिले की ऐसी हालत क्यों है।

 

पीएम मोदी ने डीएम से पूछा सवाल

दरअसल मामला मंगलवार को हुई पीएम मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का है। पीएम मोदी खुद स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा के लिए सामने थे। एक तरफ खुद पीएम मोदी थे तो सामने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार और बाराबंकी के जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जरिए दोनों से सीधे सवाल किए। पीएम मोदी ने जब मुख्य सचिव राजीव कुमार और डीएम अखिलेश तिवारी से बाराबंकी में किए गए कामों की प्रगति जानी। तो उन्हें निराशा हाथ लगी। मोदी ने मुख्य सचिव से जब पूछा कि सफाई में सबसे पिछड़े जिले कौन सा है तो उन्होंने बाराबंकी का नाम बता दिया। इस पर पीएम मोदी ने डीएम से सीधे पूछ लिया आखिर बाराबंकी जिले का ऐसा हाल क्यों है।

 

डीएम को पास नहीं था जवाब

पीएम मोदी ने जब बाराबंकी के डीएम से जिले की साफ-सफाई का हाल पूछा तो उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं था। डीएम ने बजट का हवाला देते हुए कहा कि सर बजट मिल गया है और जल्द ही सारे काम पूरे हो जाएंगे। डीएम ने कहा कि 2 अक्तूबर तक पूरा जिला ओडीएफ कर देंगे। जिसके बाद पीएम मोदी ने डीएम के पीछे लगी देवा और महादेवा की तस्वीर की ओर इशारा किया और कहा कि बाराबंकी जिले को इसी तरह चमकाइए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिले में अभियान को तेज रफ्तार दीजिए। मुख्य सचिव से भी पीएम ने कहा कि आप सख्ती से मानीटरिंग कीजिए। मैं जल्द ही सारे कामों की दोबारा समीक्षा करूंगा। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बाराबंकी के डीएम के साथ सीडीओ और जिला पंचायत राज अधिकारी भी मौजूद थे।

 

बाराबंकी को जल्द घोषित करेंगे ओडीएफ

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बोलते हुए बाराबंकी के सीडीओ अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि ओडीएए मामले में बाराबंकी 75वें स्थान पर थे। जबकि अब जिले की स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है। सीडीओ ने बताया कि सर्वे के समय बाराबंकी में कुल 4 लाख 63 हजार परिवार ऐसे थे जो शौचालय विहीन थे। ये संख्या काफी बड़ी है और पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इसीलिए जिले की स्थिति खराब है। लेकिन फिर भी हम लोगों ने प्रयास करके 194 गांवों को ओडीएफ गोषिक कर दिया है और इस दिशा में आगे भी लगातार प्रयास जारी है। पिछले 15 दिनों में हमारे शौचालय निर्माण का औसत 607 शौचालय प्रतिदिन रहा है, जो काफी अच्छी संख्या है। हम लोग असी तरह का प्रयास जारी रखेंगे और जल्द ही पूरे जिलो को औडीएफ घोषिक करने में कामयाब होंगे।

 

गंदगी से लोग परेशान

प्रशासन चाहे जो भी कहे लेकिन बाराबंकी शहर के कई मोहल्लों में इतनी गंदगी है कि यहां पर लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। शहर में पीरबटावन, गुलरिया गार्दा, लखपेड़ा बाग और आजाद नगर जैसे कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां पर गंदगी का आलम ये है कि सड़कों पर चलमा मुश्किल है। नालियां लबालब भरी हैं और पानी सड़कों पर ओवरफ्लो हो रहा है। लोगों का घर से निकलना दुश्वार है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में कभी कभार ही सफाई होती है। गंदगी की वजह से मच्छर बढ़ जाते हैं और तरह तरह की बीमारियां फैलती है। प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। सोचिए जब शहर का ये हाल है तो गांवों का क्या होगा। गांवों में बनने वाले शोचालय भी जमीन पर कम कागज पर ही ज्यादा बनते हैं। हाल ही के दिनों में कई जगहों से ऐसी शिकायतें भी आईं। अब ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर जिला प्रशासन बाराबंकी को कैसे ओडीएफ घोषित करेगा।

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