पुलिस और अपराधियों के बीच हुई फर्जी मुठभेड़! घायल अपराधी ने किया खुलासा

उत्तर प्रदेश में सत्तासीन योगी आदित्यनाथ की सरकार अपराधियों के सफाए पर जोरशोर से काम कर रही है.

By: Abhishek Gupta

Published: 09 Feb 2018, 05:03 PM IST

Lucknow, Uttar Pradesh, India

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश में सत्तासीन योगी आदित्यनाथ की सरकार अपराधियों के सफाए पर जोरशोर से काम कर रही है। प्रदेश में अक्सर पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की खबरें आती रहती है। इसी तरह बाराबंकी में आज पुलिस और अपराधियों के बीच दूसरी मुठभेड़ की खबर सुर्खियाँ बनी हुई है। मगर इस मुठभेड़ की पुलिस की कहानी में पेंच ही पेंच नज़र आ रहे हैं। पुलिस और अपराधियों की इस मुठभेड़ को फर्जी ठहराने का काम इस तथाकथित मुठभेड़ में घायल अपराधी ने किया। पुलिस ने जहाँ इसे मुठभेड़ दिखाकर अपनी पीठ थपथपाई वहीं, इस अपराधी ने अपने आप को साथियों सहित तीन दिन पूर्व ही गिरफ्तार बता कर सनसनी फैला दी है।

बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला थाना इलाके में बीती रात पुलिस और अपराधियों में मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में जहाँ दो अपराधी घायल हुए हैं, वहीं एक एसआई समेत तीन पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख 71 हज़ार रुपए, 4 तमंचे, 4 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। इस मुठभेड़ में शामिल अपराधियों ने फतेहपुर तहसील में पिछले दिन हुए दवा व्यवसायी के अपहरण काण्ड के अपराध को करना स्वीकार किया है।

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह से जब इस मुठभेड़ के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज होने वाले किसान आन्दोलन को लेकर पुलिस एहतियात बरतने के लिए वाहनों की सघन चेकिंग मोहमदपुर खाला थाना इलाके में कर रही थी। तभी उधर से एक कार आती दिखयी दी। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया मगर वह लोग नहीं रुके और पुलिस पर गोलियां चलाने लगे। इस पर पुलिस ने उनका पीछा कर जवाबी फायर किया जिसमें दो अपराधी घायल हो गए। इस मुठभेड़ में पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया और दो अपराधी घायल हो गए जबकि एक अपराधी मौके से भागने में सफल हो गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन अपराधियों का अंतर्जनपदीय गिरोह है। पूछताछ में इन लोगों ने हाल ही में फतेहपुर में हुए दवा व्यवसायी के असफल अपहरण में शामिल होना स्वीकार किया है। साथ ही साथ जनपद लखनऊ के पीजीआई इलाके में, बाराबंकी के गदिया इलाके में लूट सहित जिले की कई लूटपाट की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया है। इस घटना में एक एसआई अरुण कुमार समेत दो सिपाही अंकित तोमर और राहुल वर्मा और दो अपराधी भी घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी से जनपद ही नहीं बल्कि सीमावर्ती जनपदों में लूट की घटनाओं पर विराम लग जाएगा।

पुलिस की कहानी से इतर एक घायल अपराधी अंशू की माने तो यह कोई मुठभेड़ नहीं था बल्कि उन्हें तीन दिन पहले ही साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी से पहले वह इलाहाबाद में थे और पुलिस के कहने पर ही वह आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें बछरावां से गिरफ्तार कर लिया था। बीती रात लगभग डेढ़ बजे उनको पुलिस घटना स्थल पर लेकर गयी थी।

मामला कुछ भी हो मगर अपराधी के इस बयान से पुलिस की कार्यशैली में और उनकी इस मुठभेड़ की कहानी में पेंच ही पेंच नज़र आ रहे हैं। यह अपराधी इस समय घायल है और उसका इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सूरतगंज में चल रहा है। जबकि घटना स्थल के करीब रहने वाले शिवराजपुर गाँव निवासी भारत सिंह का कहना है कि उन्होंने किसी तरह की कोई फायर की आवाज सुनी ही नहीं।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned