पोषण माह के तहत अब तक 7 हजार बच्चों ने पी विटामिन ए की खुराक, 5 लाख का लक्ष्य

स्थानीय जनपद में बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 सितम्बर तक बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने के लिए विशेष अभियान चलया जा रहा है।

बाराबंकी. स्थानीय जनपद में बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 सितम्बर तक बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने के लिए विशेष अभियान चलया जा रहा है। यह अभियान बाल स्वास्थ्य पोषण माह के रूप में चल रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 7 हजार बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जा चुकी है। इस बार जिले में 5 लाख बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई जाएगी। यह अभियान बुधवार- शनिवार को वीएचएसएनडी सत्र पर चलाया जा रहा है। इसके साथ ही कुपोषित बच्चों का भी चिन्हाकंन किया जायेगा। और उन्हें पुर्नवास पोषण केंन्द्र भेजा जायेगा।


यह जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाक्टर राजीव कुमार सिंह ने देते हुए बताया कि बाल स्वास्थ्य पोषण माह में जिले के 9 माह से लेकर पांच साल तक के 5 लाख बच्चों को विटामिन ए- की खुराक दी जायेगी। इसके साथ ही कुपोषित बच्चों का चिन्हाकंन किया जायेगा और उन्हें पुर्नवास पोषण केंन्द्र भेजा जायेगा। बाल सुरक्षा पोषण माह में कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए, महीने के बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले वीएचएनडी (ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण दिवस) और यूएचएनडी (शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस) पर ही बच्चों को एएनएम द्वारा विटामिन ए की खुराक देने का कार्य किया जायेगा।

उन्होंने बताया बच्चों को निमोनिया और डायरिया से बचाने के लिए पीसीवी का टीका भी लगेगा। उन्होंने कहा कि निमोनिया और डायरिया पांच बर्ष तक के बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण होता है। अब निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए न्यमोकॉकल वैक्सीन सरकारी अस्पतालों पर नि:शुल्क लगायी जाएगी। इस टीके के आ जाने से निमोनिया, सर्दी, जुकाम, दिमागी बुखार को भी रोका जा सकेगा। बच्चों को पीसीवी का टीका लग जाने से मृत्यु दर में भी 16 प्रतिशत की कमी आएगी। अभी तक बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बीसीजी, हेपाटाइटिस बी, पेंटावैलट, ओपीवी, रोटावायरस, मिजिल्स रूबेला, विटामिन ए तथा पल्स पोलियो ड्राप नि:शुल्क उपलब्ध था। मगर अब शासन ने निमोनिया का टीका भी निःशुल्क उपलब्ध करा दिया है।

डीपीओ प्रकाश कुमार ने बताया इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा बाल विकास विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। जिले के सभी 3150 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर होने वाले बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले वीएचएनडी (ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण दिवस) और यूएचएनडी (शहरी स्वास्थ्य पोषण दिवस) पर अपने कार्यरत क्षेत्र के लोगों को विटामिन ए की खुराक के लिए प्रोत्साहन करने के साथ ही केन्द्रों पर ले जाने का कार्य किया जायेगा।

नितिन श्रीवास्तव
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