बाराबंकी में स्प्रिट पीने से हुई थी लोगों की मौत, बीजेपी सांसद ने कहा होगी कड़ी कार्रवाई

Abhishek Gupta

Publish: Jan, 13 2018 09:06:17 (IST) | Updated: Jan, 13 2018 09:06:18 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India

बाराबंकी. "बाराबंकी में दिनों दिन लगातार बढ़ता जा रहा मौतों का आँकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन अपनी गर्दन बचाने के लिए झूठ पर झूठ बोले जा रहा है", यह बात आज पीड़ित परिवार ने की। बाराबंकी की सांसद प्रियंका सिंह रावत ने आज इन्हीं पीड़ित परिवारों से मिल कर उनका दुख जानने का प्रयास किया। सांसद के सामने पीड़ित परिवारों ने मौत की असली वजह स्प्रिट पीना बताई। जबकि जिलाधिकारी ने तीन लोगों की स्प्रिट पीने से और बाकी की स्वाभाविक मृत्यु बता कर मामले की इतिश्री कर ली थी। सांसद के सामने यह भी बात सामने आई कि उन्हें प्रशासन के मुताबिक बयान देने के लिए मजबूर किया गया था। सांसद ने इस पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री से मिलकर लिखित रूप से देने की बात की और इसमें शामिल प्रशासन के लोगों पर भी कठोर कार्यवाई करने की बात कही है।

बाराबंकी के देवा थाना इलाके में हुई 13 मौतों के मामले में आज सियासी पारा भी चढ़ा और नए - नए खुलासे भी हुए। सबसे चौकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इन मौतों की असल वजह जिला प्रशासन ने छुपाई है। मुनिया पुरवा गाँव के प्रधान सन्तोष ने सांसद को बताया कि प्रशासन के लोगों ने गाँव आकर उनके मनमाफिक बयान देने के लिए मजबूर किया और कहा कि अगर शराब या स्प्रिट को मौत का कारण बताया तो उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल पाएगी। अगर इन पीड़ितों की बात का विश्वास किया जाए तो जिलाधिकारी पर शक की सुई घूमती है, क्योंकि जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने ज्यादातर लोगों की मौत का कारण स्वाभाविक मौत बताया था। जबकि सांसद जहाँ - जहाँ गयीं सबने एक स्वर में स्प्रिट पीना ही मौत की मुख्य वजह बताई है।

बाराबंकी की सांसद प्रियंका सिंह रावत ने बताया कि यह घटना बहुत बड़ी है। इसी वजह से वह अपने बीमार पति को छोड़कर पीड़ितों का दुख बाँटने आयी है। सांसद ने बताया कि इन सबकी मृत्यु स्प्रिट पीने से हुई है। स्प्रिट पीने के लिए नहीं होती, मगर प्रशासन को इसकी जाँच करनी चाहिए थी कि अगर स्टॉक है तो उसका क्या उपयोग हो रहा है। सांसद ने कहा कि जिन-जिन अधिकारियों का इसमें दोष है उन सभी के विरुद्ध कठोर कार्यवाई करने के लिए मुख्यमंत्री से स्वयं मिल कर माँग करेंगी। सांसद ने व्यक्तिगत रूप से सभी पीड़ित परिवारों को 10 - 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता और जाड़े से बचाव के लिए कम्बल दिए।

मेयो अस्पताल के प्रशानिक अधिकारी ने बताया कि यह दोनों मरीज गम्भीर हालत में आये थे। इनका इलाज चल रहा है। यह दोनों स्प्रिट पीकर आये थे। इन दोनों में से उमेश की आँख की रौशनी आने की संभावना न के बराबर है जबकि देवी शरण की हालत ठीक है।

बाराबंकी की इस घटना के खुलासे के बाद दबी जुबान लोग स्वीकार करने लगे है कि बाराबंकी के जिला प्रशासन मौत की असल वजह बताने में झूँठ बोल रहा था। जिला प्रशासन का गांव आकर पीड़ित परिवारों को अपने माफिक बयान देने के लिए मजबूर करना, जिलाधिकारी द्वारा मौत की असल वजह छिपाना, सांसद के सामने पीड़ितों का मौत की असली वजह गिड़गिड़ा कर बताना यह सब बातें साफ इशारा कर रही है कि प्रशासन झूँठ बोल रहा था । शायद इसी लिए प्रशासन का कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने बयान देने से बचता दिखाई दे रहा है । हालाकि पुलिस ने उस सख्श मदन जायसवाल को हिरासत में ले लिया है जिसने स्प्रिट बेंचने का काम किया था ।

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