जनपद ने पल्स पोलियो अभियान में हासिल किया शत-प्रतिशत लक्ष्य, 1300 स्वास्थ्य कार्यकर्ता हुए शामिल

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा राजीव कुमार सिंह ने बताया उक्त अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5 लाख 55 हजार 716 बच्चों को पोलियो कि दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बाराबंकी. भारत को पोलियो से मुक्त बनाये रखने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से सघन पल्स पोलियो अभियान पिछले कई सालों से चलाया जा रहा है, ताकि अब कोई भी बच्चा पोलियो ग्रस्त न हो। इसको लेकर स्थानीय जनपद में पल्स पोलियो अभियान चलाया गया। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष 5 लाख 60 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो दवा की खुराक पिलाकर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 1300 स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हुए।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा राजीव कुमार सिंह ने बताया उक्त अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5 लाख 55 हजार 716 बच्चों को पोलियो कि दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के सापेक्ष कुल 5 लाख 60 हजार 749 बच्चों को पल्स पोलियो अभियान के तहत दो बूंद जिंदगी की पोलियोरोधी दवा पिलाकर शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने बताया अभियान को सफल बनाने के लिए 13 सौ आशा, एएनएम समेंत अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा गांव – गांव डोर टू डोर पहुंचकर दवा पिलाई गई।

उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के अंतिम दिन आशा, ऐनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेंत अन्य ने स्थायी बूथों पर दवा पीने से वंचित रहने वाले बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो रोधक दवा पिलाई । इस दौरान ईटों के भट्ठों, स्लम एरिया, फैक्ट्री आदि जगहों के साथ-साथ मोबाइल यूनिट ने शहर के हर वार्ड में तथा गांव की हर गली में जाकर लक्ष्य को पूरा करने का काम किया । इसके साथ ही हर मकान, प्रतिष्ठान पर नंबर भी अंकित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पल्स पोलियो अभियान के अलावा अन्य कोई भी अभियान तभी कामयाब हो सकता है, जब समाज के लोग जागरुक होंगे और प्रशासन का सहयोग करेंगे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में टीमों का अहम भूमिका

जिला प्रतिक्षण अधिकारी ने बताया पोलियों अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में 1485 बूथ बनाए गए थे, जहाँ पर 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5 लाख 55 हजार 716 बच्चों को पोलियो कि दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था । कुल घर भ्रमण टीमों की कुल संख्या 1300, बूथ पर्यवेक्षक 348, कुल टीम पर्यबेक्षकों की संख्या 342, कुल ट्रांजिट टीमों की संख्या 104 व इसके साथ ही वैक्सीन की कुल मात्रा डोज में 6 लाख 72 हजार थी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए टीमें पूरी तरह से सक्रिय रही।

नितिन श्रीवास्तव
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