SC/ST एक्ट के विरोध में लामबन्द हुए सवर्ण, मोदी सरकार को चेतावनी, इस सांसद का जलाया पुतला

SC/ST एक्ट के विरोध में लामबन्द हुए सवर्ण, मोदी सरकार को चेतावनी, इस सांसद का जलाया पुतला

Abhishek Gupta | Publish: Sep, 06 2018 07:33:28 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बाराबंकी में आज सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

बाराबंकी. बाराबंकी में आज सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत बन्द में धीरे - धीरे ही सही मगर सवर्ण लामबन्द हो रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल हो रहे लोग इसे ब्राम्हणों सहित पूरे सवर्ण समाज के लिए काले कानून की संज्ञा दे रहे हैं। सवर्ण समाज के लोग इतने गुस्से में है कि मोदी सरकार को भी चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि क्या सवर्णों को वोटों की मशीन समझा जा रहा हैं। चेतावनी भरे लहजे में आयोजक कह रहे हैं कि दिल्ली में सत्तासीन मोदी सरकार इसे तत्काल वापस ले। कुछ दिनों पहले दलित आन्दोलन के तहत दलितों ने बड़ा आंदोलन किया था, मगर आज सवर्ण समाज आंदोलन में तो है ही, गुस्से में भी है।

पीएम मोदी की दे चेतावनी-

बाराबंकी मुख्यालय के पारिजात लान में आज राष्ट्रीय हिन्दू एक्शन कमेटी और राष्ट्रीय ब्राम्हण युवजन सभा के तत्वाधान में सवर्ण आज इकट्ठा हुए और पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया। सवर्णों के इस आन्दोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी चाक - चौबन्द व्यवस्था रखी और सवर्णों द्वारा फूंका जा रहे पुतले को छीन कर हटा दिया। सवर्ण समाज के लोगों का गुस्सा केंद्र में सत्तासीन मोदी सरकार पर भी निकला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चेतावनी देते हुए इस काले कानून को वापस लेने को कहा।

भाजपा सांसद का फूंका पुतला-

इस दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने के साथ ही यूपी की बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले का पुतला भी दहन किया, मगर पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया। इस दौरान सवर्ण नेताओं ने कहा कि आज़ादी से आज तक इस देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान सवर्णों ने दिया है। सबसे ज्यादा टैक्स सवर्ण भरते हैं। सबसे ज्यादा वोट भाजपा को देते हैं, मगर फिर भी उनकी सांसद सावित्री बाई फुले द्वारा उनके समाज को कुत्ता कहा जाता है और भाजपा इस काले कानून को हम पर थोप देती है। क्या हम वोटों की मशीन हैं। हमे भी ऐसे कानून से कष्ट होता है, हमारी भावनाएं भी आहत होती है। इसलिए इस काले कानून को तुरन्त वापस लिया जाए और सवर्ण आयोग का गठन किया जाए। जिससे हमारी भी आवाज बुलन्द हो सके। हमारी भी कोई सुनने वाला हो।

सावित्री बाई फूले का पुतला फूंकने के सवाल पर सवर्ण नेताओं ने कहा कि इस सांसद ने सवर्ण समाज के लोगों को कुत्ता कहा है, जो बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। क्या सिर्फ दलित ही इस देश में रहते हैं। क्या सिर्फ उनकी ही भावनाएं आहत होती हैं। इसीलिए ऐसी भाजपा सांसद का सार्वजनिक रूप से पुतला दहन किया गया है।

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