जिलाधिकारी ने कहा था कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, मगर फिर भी आवास आवंटन में हो गया खेल

ब्लॉक प्रमुख विजय शुक्ल ने कहा कि जो एससी के लोग हैं वह कहीं जाकर अपनी बात कह भी नहीं सकते। उनका आवास जो दूसरों को दे दिया गया, वह उन्हें कब मिलेगा।

By: Neeraj Patel

Updated: 28 Oct 2020, 02:29 PM IST

बाराबंकी. जिलाधिकारी डाक्टर आदर्श सिंह ने आते ही अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि जिले में भ्रष्टाचार को वह बर्दास्त नही करेंगे और उनके नाम पर वसूली अक्षम्य होगी। मगर जिलाधिकारी के रहते ही उनके अपने ही अधिकारी इससे बाज नहीं आ रहे। यह बात जिला योजना की बैठक में जनप्रतिनिधियों के सामने साफ हो गयी। सांसद और विधायकों की मौजूदगी में जिले के एक ब्लाक प्रमुख ने यह आरोप लगाकर सनसनी मचा दी।

आरोप से सनसनी

बाराबंकी की जिला योजना बैठक में बाराबंकी और अयोध्या के सांसद के साथ जिले के सभी जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी और अन्य बड़े अधिकारी भी मौजूद थे। यह जिलाधिकारी वही हैं जो जिले में आते ही सभी अधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्हें भ्रष्टाचार और उनके नाम पर किसी प्रकार की धनवसूली से दूर रहने की चेतावनी देकर चर्चा में आ गए थे। आज जब वही जिलाधिकारी बैठक ले रहे थे तो जिले की निन्दूरा विकासखंड के ब्लाक प्रमुख विजय शुक्ला ने गरीबों को मिलने वाले आवास में धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप जड़कर सनसनी फैला दी।

रिकवरी की कार्रवाई

ब्लॉक प्रमुख विजय शुक्ल ने कहा कि जो एससी के लोग हैं वह कहीं जाकर अपनी बात कह भी नहीं सकते। उनका आवास जो दूसरों को दे दिया गया, वह उन्हें कब मिलेगा। ब्लॉक प्रमुख के आरोप के बाद पूरा सदन जैसे बचाव की मुद्रा की आ गया और कार्रवाई होने की बात करने लगा। बैठक के बाद बाराबंकी के भाजपा सांसद उपेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि निन्दूरा ब्लॉक से 5 गलत नाम सामने आए थे। जांच में एक नाम सही पाया गया और 4 नामों से रिकवरी की कार्रवाई हो रही है और जिन लोगों की वजह से ऐसा हुआ है उन पर विभागीय कार्रवाई भी हो रही है। जिलाधिकारी इस मामले में सख्त हैं और रामनगर के मामले में उन्होंने ही एफआईआर करवाई है।

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