सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही, नहर कटान से गांव में तबाही, एक हजार बीघा फसल बर्बाद

सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही, नहर कटान से गांव में तबाही, एक हजार बीघा फसल बर्बाद

Nitin Srivastava | Publish: Dec, 08 2017 09:33:48 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

गांव के अंदर नहर का पानी आ गया तो लोग अपने नुकसान को बचाने की जुगत में जुट गए...

बाराबंकी. नहर कटान के बाद लोगों को कितनी परेशानी होती है यह बाराबंकी के एक गांव की शारदा सहायक नहर कटान से समझा जा सकता है। जहां गांव के अंदर नहर का पानी आ गया तो लोग अपने नुकसान को बचाने की जुगत में जुट गए। प्रशासन के लोग भी कटान रोकने के भरसक प्रयास में जुट गए। आपको बता दें कि नहर कटान के चलते जिले में कई ऐसे गांव हैं तो अक्सर प्रभावित होते हैं। इतना ही नही किसानों की फसलों को भी इससे काफी नुकसान उठाना पड़ता हैं।

 

एक हजार बीघा फसल बर्बाद

बाराबंकी के दरियाबाद में कोदायपुर और गांव के पास शारदा सहायक नहर नहर कटने से पास के गांव बरूहा में पानी घुस गया। इससे इलाके में अफरा तफरी का माहौल उत्पन हो गया। जिससे कई गांव के रहने वाले किसानों की करीब एक हजार बीघा गेहूं, सरसों, आलू की फसलें भी नष्ट हो गईं। नहर की कटान इतनी तेज थी कि गांव में पानी बढ़ता ही जा रहा था। जिससे भयभीत ग्रामीण अपनी जरूरतों के सामान और अनाज को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने को मजबूर हो गए।

 

कटान रोकने की कोशिश

मौके पर पहुंचे सिचाई विभाग के अधिशाषी अभियन्ता सुप्रभात सिंह ने बताया कि जब नहर में पानी नहीं आता तो सूखी नहर में चूहे अपना बिल खोद लेते है और जब पानी आता है तो उसकी वजह से नहर की कटान हो जाती है। मगर फिर भी अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो निश्चित रूप से उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। कटान को रोकने के लिए फिलहाल पीछे से पानी को रोक दिया गया है और जल्द ही पानी का बहाव भी कम हो जाएगा और नहर की कटान से पानी निकलना भी बंद हो जाएगा।

 

दोषियों पर होगी कार्रवाई

मौके पर पहुंचे रामसनेही घाट के उपजिलाधिकारी राहुल यादव ने बताया कि प्रशासन कटान को रोकने के लिए सभी भरसक प्रयास कर रही है। मिट्टी डाली जा रही है और पेड़ की टहनियों की कटान भी की जा रही है। जिससे कटान की रफ्तार को रोका जा सके। इस पूरे मामले में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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