भले ही कम हो रही हो कोरोना के मरीजों की संख्या, लेकिन अभी टला नहीं खतरा, न करें ये गलतियां

जब तक दवाई नहीं तब तक कोविड प्रोटोकाल में कोई ढिलाई नहीं।

बाराबंकी. कोरोना की चेन तोड़ना किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि, पूरे समाज की जिम्मेदारी है। ऐसी मुश्किल घड़ी में लापरवाही बरतना खुद के साथ-साथ पूरे समाज के लिए परेशानी पैदा कर सकता हैं। लापरवाही बरतने का मतलब कोरोना संक्रमण को बुलावा देना है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों को भी कोविड प्रोटोकाल का ध्यान रखना चाहिए। चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि कोरोना ही नहीं कई अन्य बीमारियों से बचने के लिए साबुन-पानी से हाथों की अच्छी तरीके से कम से कम 40 सेकेण्ड तक सफाई बहुत जरूरी है।

 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ बीकेएस चौहान का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गाइड लाइन का पालन किया जाय। उन्होंने बताया कि दिसम्बर में मरीजों की संख्या में भले ही कमी रही हो, लेकिन पहले सहालग सीजन के कारण दूसरे सप्ताह से फिर मरीजों की संख्या में वृद्धि होने लगी। बाजारों में हर दिन भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। लोग लापरवाही बरतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों में घर-घर सर्वे व अन्य माध्यमों के द्वारा कोरोना के प्रति जागरुकता बढ़ाने का काम जारी है, इसके साथ ही लोगों से लगातार अपील की जाती है कि कोविड-19 के लक्षण आने पर वे जांच अवश्य कराएं।

 

कोरोना को लेकर न करें यह अनदेखी

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है इसके बावजूद सहालग में लोगों द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन का बिल्कुल पालन नहीं किया जा रहा है । लोग घर से बाहर निकलने पर न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। शादी-व्याह के कार्यक्रमों में पहले जैसी ही भींड़ इकट्ठा हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी कार्यक्रम से पहले कार्यक्रम स्थल को सैनिटाइज कराया जाए । लोगों को उचित शारीरिक दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाए। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले सैनिटाइजर का प्रयोग किया जाए। इन उपायों को अपनाकर ही हम कोरोना से सुरक्षित रह सकते हैं। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है। इसको लेकर सतर्कता बहुत जरूरी है। इस वैश्विक जंग में लापरवाही से नहीं बल्कि सतर्कता से ही कोरोना को मात दी जा सकती है।

 

खतरा टला नहीं

दिसम्बर में एक्टिव केसों की संख्या कम होने से लोग कोरोना संक्रमण को समाप्त मान बैठे, जबकि यह बड़ी भूल है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन न करने के कारण एक बार फिर मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुयी है । ऐसा ही रहा तो संक्रमण तेजी से फैलेगा और आने वाला समय बेहद दुखदायी हो सकता है। संक्रमण को रोकने के लिए सभी को जागरूक होना होगा। जब तक कोरोना की कोई वैक्सीन अथवा दवा नहीं आ जाती, तब तक सावधानी ही कोरोना की दवा है।

 

यह भी पढ़ें: UP Panchayat Election: यूपी में चार चरणों में होंगे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, हर वोटर को मिलेंगे 4 मतपत्र, इस महीने की डेट लगभग फाइनल

 

इन बातों का रखें ध्यान

उन्होंने कहा कि घर से निकलते समय मास्क का अवश्य ही प्रयोग करें। नियमित रूप से साबुन अथवा सैनिटाइजर से हाथ साफ करें। किसी भी स्थिति में भीड़ का हिस्सा न बनें। लोगों से कम से कम दो गज की दूरी बना कर रखे। इधर-उधर ना थूके। क्याकि जब तक बाजार में दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं। सावधानी बरतने से ही कोरोना की चेन को तोड़ा जा सकता है।

 

coronavirus कोरोना वायरस
नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned