फोन के माध्यम से मिलेगा मानसिक रोगियों की समस्याओं का समाधान

कोरोना काल में डर, घबराहट आदि परिस्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा साइकोसोशल सपोर्ट टीम का गठन कर विशेषज्ञों के मोबाइल नम्बर जारी किये गये है।

बाराबंकी. किसी भी बीमारी से उबरने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना बहुत जरूरी होता है। कोरोना काल में तो मानसिक तौर पर स्वस्थ रहना और भी आवश्यक है। उनसें यह बात साफ हो जाती है कि जो लोग मानसिक तौर पर मजबूत दिखें वह जल्दी स्वस्थ हो गए और जो लोग मानसिक तौर पर मजबूत नहीं दिखे, उन्हें स्वस्थ होने में वक्त लग गया, इसलिए कोरोना को लेकर मानसिक तौर पर मजबूत रहें और बचाव के लिए सावधानी बरतें। कोरोना काल में डर, घबराहट आदि परिस्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा साइकोसोशल सपोर्ट टीम का गठन कर विशेषज्ञों के मोबाइल नम्बर जारी किये गये है।

मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ राहुल सिंह ने बताते है कि विभाग की ओर से गठित टीम के फोन नंबर पर कॉल करके मानसिक समस्याओं से संबंधित जानकारी तथा उपचार प्राप्त किया जा सकता है। कोरोना जैसी महामारी में जहां हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी का सामना कर रहा है, चाहे आर्थिक रूप से, पारिवारिक रूप से, व्यक्तिगत रूप से एवं व्यवसायिक रूप से। वहीं पर आम जनमानस मानसिक समस्याओं जैसे तनाव, चिंता, बेचैनी, घबराहट, उलझन, पैनिक अटैक, उदासी डिप्रेशन एवं अन्य मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। चाहे वह समस्या कम मात्रा में है या अत्यधिक मात्रा में है। ऐसी परिस्थिति को देखते हुए सीएमओ कार्यालय द्वारा साइकोसोशल सपोर्ट टीम का गठन किया गया है, जिसमें मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राहुल सिंह एवं टीम द्वारा ऐसी समस्याओं का समाधान टेलिफोनिक मेडिसिन एवं टेली काउंसलिंग द्वारा किया जाएगा।

आधिकारिक नम्बर किये जारी

विभाग की तरफ से ऐसे मानसिक विशेषज्ञों का फोन नंबर जारी किया गया है जिस पर कोई भी व्यक्ति सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक कॉल करके अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। डॉ राहुल सिंह मानसिक रोग विशेषज्ञ 9473 802119, प्रेम प्रकाश साइकाइट्रिक काउंसलर 7355471412, विनोद कुमार पाल मनोवैज्ञानिक 8355083685।

मानसिक तनाव के लक्षण

डॉ. तिवारी ने बताया कि तनाव होने के कारण शारीरिक एवं मानसिक दोनों स्तर पर बदलाव देखने को मिलते हैं। तनाव होने के कारण शरीर स्तर पर अधिक पसीना का आना, अत्यधिक थकान का होना, मुँह का बार-बार सूखना एवं साँस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जबकि तनाव से मानसिक स्तर पर भी बदलाव आते हैं, जिसमें अत्यधिक चिंता एवं ध्यान केन्द्रित करने में समस्या होती है।

इन बातों का रखें ख्याल

ज्यादा समय रचनात्मक कार्यों में व्यतीत करें। परिवार, दोस्त, सहकर्मी के साथ बिताए, एक-दूसरे का ख्याल रखें। उनसे अपनी मन की बात शेयर करें। किसी भी प्रकार के नशे के सेवन से बचें। सोशल मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक अफवाहों से दूर रहें।संतुलित डाइट लें। कुछ समय योग, ध्यान और एक्सरसाइज करने में जरूर लगाएं।

coronavirus
नितिन श्रीवास्तव
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