प्राथमिक विद्यालय के बच्चे बने सफाईकर्मी, झाड़ू लगाते कैमरे में हुए कैद

प्राथमिक विद्यालय के बच्चे बने सफाईकर्मी, झाड़ू लगाते कैमरे में हुए कैद

Nitin Srivastava | Publish: Sep, 16 2018 01:07:26 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शिक्षिका ने कहा- जाकर प्रधान से करिये बात...

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब से सत्ता में आए हैं तभी से उनका ध्यान प्राथमिक विद्यालय की दशा सुधारने को ओर है। यूपी सरकार कॉन्वेंट स्कूलों जैसी ड्रेस, किताबें, बैग, जूता-मोजा और स्वेटर देकर गरीब बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ने वाले अमीर घराने के बच्चों जैसी शिक्षा की सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रही है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक हों या अधिकारी, वह सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बाराबंकी जनपद से सामने आया है। जहां के टीचरों ने सरकार की तमाम कोशिशों पर पलीता लगाते हुए गरीब घरों के छात्रों को सफाईकर्मी बना कर रख दिया।

 

स्कूल में झाड़ू लगाते हैं बच्चे

छात्रों को सफाईकर्मी बना देने वाला मामला बाराबंकी जनपद के विकासखंड हरख के रतन बाजार प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है। जहां इस स्कूल में पढ़ने वाले कुछ छात्र झाड़ू लगाकर सफाई करते दिखाई दिए। छात्रों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह लोग रोज अपने विद्यालय में झाड़ू लगाते हैं। जिसका निर्देश विद्यालय में पढ़ाने वाली शिक्षिका देती हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि मैडम जी झाड़ू तो लगवाती ही हैं और साथ ही वह उनसे हाथ वाला पंखा भी झलवाती हैं। यह काम वह हर रोज अलग-अलग बच्चों से क्रमवार करवाती हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि स्कूल का समय समाप्त होने के बाद मैडम जी चटाई भी उठवाती हैं। जब बारिश में पानी भर जाता है तो स्कूल में काफी गंदगी हो जाती है। जिसे भी साफ करने का जिम्मा उन्ही लोगों पर है। एक छात्र ने तो यहां तक बताया कि उसने मैडम जी के डर से स्कूल जाना ही बंद कर दिया है।

 

नहीं आता कोई अधिकारी

वहीं विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि हां उनकी जानकारी में है कि विद्यालय की शिक्षिका हर रोज उनके बच्चों से झाड़ू लगवाती हैं और हाथ वाला पंखा भी झलवाती हैं। इसकी शिकायत करने का उन्होंने मन तो बानाया लेकिन यहां शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी के न आने से शिकायत नहीं हो पाई। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय की शिक्षिका हर रोज बच्चों से इस तरह का काम लेती हैं।

 

नहीं दिया कोई जवाब

छात्रों से काम लेने के सवाल का जवाब लेने जब हम विद्यालय की शिक्षिका कामिनी वर्मा के पास पहुंचे तो उन्होंने झाड़ू लगवाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। मगर जब हमने उन्हें बताया कि बच्चे तो अभी भी झाड़ू लगा रहे हैं, तो उनके चेहरे के रंग ही उड़ गए और वह कहने लगीं कि आप ग्राम प्रधान से बात करिये। फिर हमने सवाल दोहराया कि सफाई कर्मी होते हुए भी छात्र झाड़ू क्यों लगा रहे हैं तो फिर उन्होंने कहा कि आप प्रधान से बात करिये।

 

जांच के बाद होगी कार्रवाई

वहीं इस गंभीर प्रकरण पर जब हमने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी. सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि स्कूल में बच्चों से इस तरह के काम करवाना गलत है। मैं इसके लिए अपने कार्यालय से एक नोटिस जारी कर इस प्रकरण की जांच करवाऊंगा। इस मामले में अगर जरा भी भी सच्चाई होगी तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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