उत्तर प्रदेश की अब तक की 10 बड़ी खबरें, जो बनीं अखबारों की सुर्खियां

आज के अखबारों में छपी 10 बड़ी खबरें, यहां पढ़ें कहां क्या हुआ...

लखनऊ. गुरुवार, 26 मार्च, 2020 को राजधानी लखनऊ से प्रकाशित विभिन्न समाचार-पत्रों में यह अहम सुर्खियां छाई हुई हैं।

रामलला को गोद में उठाकर नए भवन में ले गए मुख्यमंत्री योगी

ऐतिहासिक रामजन्मभूमि में आधुनिक इतिहास की नई इबारत लिखी जानी शुरू हो गई है। इसी इबारत के पहले अध्याय में 28 साल से तंबू में प्रतीक्षारत रहकर नये भवन में रामलला के प्रतिष्ठा उत्सव की कहानी को दर्ज कर लिया गया है। इस कहानी के अहम किरदार के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोद रामलला को भा गयी, उन्हीं की गोद में सवार होकर गर्भगृह से निकले रामलला ने नेत्र भरकर परिसर को पहले निहारा और फिर यथास्थान पर विराजमान हो गये।

पीलीभीत में सलंक्रमित मां के बेटे में भी पुष्टि

यूपी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बुधवार को बढ़कर 38 हो गई है। पीलीभीत में संक्रमित मिली महिला के बेटे में भी कोरोना वायरस के संक्रमण की बुधवार को पुष्टि हुई है। पीलीभीत में अब तक दो लोग संक्रमण के शिकार हो चुके हैं। इन दो लोगों के अलावा नोएडा के 11,आगरा के 8, लखनऊ के 8, गाजियाबाद के तीन और कानपुर, जौनपुर वाराणसी, मुरादाबाद, लखीमपुरखीरी व शामली में एक-एक मरीज शामिल है। इनमें 11 मरीज ठीक हो गए हैं। लखनऊ में बुधवार को भी कोई संक्रमित नहीं मिला।

यूपी सरकार तीन महीने मुफ्त गेहूं-चावल देगी

प्रदेश सरकार एक अप्रैल से दिहाड़ी मजदूरों और अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी (खाद्य सुरक्षा) के कार्डधारकों को एकमुश्त तीन माह का अनाज देगी। इसमें दिहाड़ी मजदूरों व अन्त्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त राशन मिलेगा। अन्त्योदय कार्डधारक को सरकार 35 किलो गेहूं चावल प्रति कार्ड देती है जबकि पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को तीन किलो गेहूं व 2 किलो चावल प्रति यूनिट दिया जाता है।

सख्ती: यूपी में पान मसाला बनाने और बेचने पर रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए पान मसाला बनाने और उसकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि मिनिस्ती एस ने इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन में जनता द्वारा किए जा रहे सहयोग और योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।

किराना दुकानें खुली रहेंगी जरूरी चीजें घर-घर पहुंचेंगी

किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने की वस्तुओं और दवाओं की दिक्कत न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने मोहल्लों की फुटकर किराना और दवा दुकानों को स्थानीय प्रशासन की इजाजत से खोलने के निर्देश दिए हैं। निर्देश हैं कि इस मामले में डीएम अपने स्तर से फैसला कर लें। ध्यान रखा जाए कि ऐसा करते समय कहीं कोई अव्यवस्था न होने पाए।

घर तक सामान पहुंचाने वाले न रोके जाएं: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि स्थानीय मंडियों में खाद्य सामग्री की बल्क सप्लाई की चेन को रोका न जाए। जिला प्रशासन इसे सुगम बनाएं। जो खाद्य सामग्री विक्रेता, किसान, डोरस्टेप डिलीवरी कर रहे हैं, उनको न रोका जाए और उनको व्यवस्थित रूप से पंजीकृत कर हर मोहल्ले में डोर स्टेप डिलीवरी आपूर्ति के लिए भेजा जाए। यही नहीं ई-रिक्शा, ठेला, ऑटो, पिक-अप जो भी साधन उपलब्ध हों, सप्लाई के लिए उनकी व्यवस्था करें।

सरकार ने सैनिटाइजर की कीमत तय की

कोरोना संक्रमण से रोकथाम के लिए इन दिनों बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे हैण्ड सैनिटाइज़र की खुले बाजार में पैदा हुई कमी जल्द ही दूर हो जाएगी। प्रदेश के गन्ना विकास व चीनी उद्योग विभाग ने हैण्ड सैनिटाइज़र के उत्पादन के लिए चीनी मिलों को आवश्यक लाइसेंस देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

तीन अस्पतालों में कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों वह संदिग्ध मरीजों की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे को देखते हुए राज्य सरकार ने इलाज की त्रिस्तरीय व्यवस्था की है। इसके तहत तीन विशिष्ट मेडिकल कॉलेजों में कोरोना वायरस के क्रिटिकल मरीजों का इलाज किया जाएगा। इन तीन विशिष्ट मेडिकल कॉलेजों में संजय गांधी पीजीआई , केजीएमयू और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ शामिल हैं। वही कोरोना वायरस के सामान्य मरीजों के इलाज के लिए प्रत्येक जिले में दो-दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी ) को कोरोना अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है।

दूसरे राज्यों से सामान न आने से सप्लाई रुकी

लॉकडाउन के बाद आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर संकट गहराने लगा है। राशन, दूध, फल, सब्जियां, दवाएं, ब्रेड आदि की उपलब्धता थोक आपूर्तिकर्ताओं पर बढ़ रही दुश्वारियों के चलते प्रभावित होने के आसार दिखाई देने लगे हैं। यूपी में मध्य प्रदेश और महराष्ट से बड़े पैमाने पर दालों की आपूर्ति होती है। लॉकडाउन के चलते इन राज्यों में दाल मिलें बंद हो गई हैं और जो गाड़ियां माल लेकर चली थीं, उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया है। लखनऊ व आसपास के जिलों में आने वाले आटे का संकट गहराने लगा है, क्योंकि बनी, बंथरा, हरदोई, संडीला और बाराबंकी की फ्लोर मिलों से आटे की थोक आपूर्ति लगभग बंद हो गई है।

केजीएमयू: करीबी जिलों के मरीज भर्ती नहीं होंगे

केजीएमयू में नजदीकी जिलों के नोवेल कोरोना वायरस पीड़ित को भर्ती नहीं किया जाएगा। जिला अस्पतालों में भर्ती कर संक्रमित मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में केजीएमयू प्रशासन ने जिला अस्पतालों को पत्र जारी किया है। कोरोना वायरस की केजीएमयू में जांच हो रही है। मरीजों के बढ़ते दबाव के मद्देनजर केजीएमयू प्रशासन ने संक्रमित मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती रखने की सलाह दी गई। साथ ही वहीं से नमूना लेकर केजीएमयू भेजने के लिए भी कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही केजीएमयू पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: कोरोना के चलते कराना पड़ा डिजिटल निकाह, बाद में होगी दुल्हन की विदाई

Show More
नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned