योगी जी यह कर्जमाफी है या फिर किसानों का मज़ाक?

किसी को 23 रुपए तो किसी को 89 तो किसी को 12 रुपए कर्जमाफी के मिले प्रमाण पत्र।

By:

Published: 11 Sep 2017, 06:03 PM IST

बाराबंकी. जब से भाजपा उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई है तब से किसानों की कर्जमाफी की बात को लेकर अपना पीठ थपथपा रही है। मगर इस कर्जमाफी में प्रदेश के कुछ अन्नदाताओं का मज़ाक भी बनाया गया है। इनका मज़ाक अब किसानों को हँसी का पात्र बना रहा है।

बाराबंकी में पिछली 8 तारीख को किसानों की कर्जमाफी का प्रमाणपत्र देने का भव्य आयोजन किया गया। जिले के सभी भाजपा नेता और जिले के आला अधिकारी इस कार्यक्रम की भव्यता के लिए जी जान लगाए रहे। कार्यक्रम में 5000 किसानों को सरकार की ओर से कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया गया। जहां इस कार्यक्रम में किसानों के चेहरे पर सन्तोष और चिन्तामुक्ति का भाव था तो वहीं कुछ किसान ऐसे भी थे जिनका इस योगी सरकार ने मज़ाक बना दिया था। 5 से 6 घंटे की मशक्कत के बाद कई किसानों को जब प्रमाणपत्र प्राप्त हुए तो उनके चेहरे पर हताशा के भाव थे।

सेमरी गाँव निवासी शौकत को जब कर्जमाफी का प्रमाणपत्र मिला तो उन्हें सिर्फ 23 रुपये कर्जमाफी की सौगात मिली। सिपहिया के रमापति को 44 रुपए, अमदहा निवासी सरयू को 89 रुपये, जाटा निवासी शम्भू को 12 रुपये, सेमरी के रमेश द्विवेदी को 17 रुपये, गोठिया के रामदीन को 24 रुपये, मचौची के श्याम बिहारी को 26 रुपये, सोहिल की सीम देवी को 26 रुपये, कंडेरा के 26 रुपये हरख के रामकरण को 59 रुपये, चंदौली के वासुदेव को 66 रुपये, सलारपुर के रामकैलाश को 70 रुपये, इचौली के शमीउल्ला को 76 रुपये और रायपुर के कल्लू को 92 रुपये का कर्जमाफी का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है।

कर्जमाफी कार्यक्रम में आए कई अन्नदाता ऐसे भी थे जिन्हें 2 या 4 रुपये का भारी-भरकम कर्जमाफ हुआ था। किसानों की अगर मानें तो कर्जमाफी से ज्यादा की रकम खर्च कर वह अपने साधनों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे और अपने लिए जलपान की व्यवस्था की थी। मगर प्रमाणपत्र मिलने के बाद वह अपने आपको ठगा महसूस कर रहे थे। ऐसे में न तो वह हंस पा रहे थे और न ही अपना दुख व्यक्त कर पा रहे थेे।

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned