कुंजेड़ में फंसे बिहार के 50 श्रमिक, सरकार व प्रशासन से लगाई घर वापसी की गुहार

इस गर्मी में यहां पर रहने के लिए विवश होना पड़ रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकारों ने प्रवासी श्रमिकों को घर वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए श्रमिकों ने पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराया था, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नही मिला है। पिछले दिनों पूर्व सरपंच जिला कलेक्टर से भी मिले थे।

By: Mahesh

Published: 10 May 2020, 07:45 PM IST

बारां. लॉकडाउन के चलते करीब 50 प्रवासी श्रमिक कुंजेड़ में फंस गए हंै। ये सभी बिहार के हर्रेरया जिले के हंै। श्रमिक तीन माह पहले फसल कटाई के लिए आए थे। इन सभी श्रमिकों ने सरकार से घर वापसी की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक इनको मदद नही मिली है। इन्होंने खेत पर एक टापरी बना रखी है।

इस गर्मी में यहां पर रहने के लिए विवश होना पड़ रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकारों ने प्रवासी श्रमिकों को घर वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए श्रमिकों ने पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराया था, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नही मिला है। पिछले दिनों पूर्व सरपंच जिला कलेक्टर से भी मिले थे। लेकिन कलेक्टर ने भी इस संदर्भ में कोई आदेश नही होने की बात कही है। ऐसे में श्रमिकों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

जमापूंजी हो गई खर्च
श्रमिकों ने मेहनत मजदूरी कर कुछ जमापूंजी एकत्रित कर ली थी। लेकिन पिछले डेढ़ माह से कोई काम नही होने से सब खर्च हो गई। अब खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि ग्राम पंचायत और स्थानीय लोगों द्वारा मदद की जा रही है, श्रमिकों की संख्या अधिक है। फिर भी क्षमता के अनुरूप मदद कर रहे हैं।

अब नही आएंगे राजस्थान
घर नही जाने से श्रमिक खासे परेशान हो गए है। वे किसी भी स्थिति में घर जाने की मदद कर रहे है। ग्रामीणों के सहयोग से जनप्रतिनिधियों से भी बात की थीए लेकिन परिणाम सकारात्मक नही रहे है। अब हर दिन मुश्किल से गुजर रहा है। श्रमिक परमानन्द, बृजनाथ, चन्दन, मुकेश और अमर पासवान का कहना है कि अब राजस्थान में दोबारा नही आएंगे।
फोटो बीआर १११०सीओ

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