baran- नौ माह से ठप पड़ा अमृत योजना का कार्य , राहत के काम पर बजट का ब्रेक

नौ माह से ठप पड़ा अमृत योजना का कार्य , राहत के काम पर बजट का ब्रेक

बारां. शहर में लगातार आबादी विस्तार व पेयजल की बढ़ती मांग को देखते हुए करीब ढाई बरस पहले जलदाय विभाग की ओर से शुरू किए गए प्रयास बजट की कमी के चलते हिचकोले खा रहे हैं। सरकार की ओर से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अमृत योजना के तहत शहर में करीब 78 करोड़ की लागत से पेयजल तंत्र विस्तार व नवनिर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए थे।

By: Shivbhan Sharan Singh

Published: 08 Dec 2019, 04:14 PM IST

नौ माह से ठप पड़ा अमृत योजना का कार्य , राहत के काम पर बजट का ब्रेक

बारां. शहर में लगातार आबादी विस्तार व पेयजल की बढ़ती मांग को देखते हुए करीब ढाई बरस पहले जलदाय विभाग की ओर से शुरू किए गए प्रयास बजट की कमी के चलते हिचकोले खा रहे हैं। सरकार की ओर से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अमृत योजना के तहत शहर में करीब 78 करोड़ की लागत से पेयजल तंत्र विस्तार व नवनिर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए थे। इंतजार के बाद जून 2017 में सम्बंधित संवेदक कम्पनी की ओर से सर्वे कर कार्य शुरू कर दिया गया था। करीब दो वर्ष में जून 2019 तक कार्य पूर्ण होना था, लेकिन निर्धारित अवधि को बीते भी करीब छह माह का समय हो गया, अब तक 40 प्रतिशत काम हुआ है, शेष 60 प्रतिशत काम शुरू होने की फिलहाल उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
लाइन बिछी ना हुआ मिलान
योजना के तहत जल उत्पादन बढ़ाने के लिए किशनगंज के समीप मजरावता दह से पानी लाने के लिए वहां इंटैकवैल बनाना था, लेकिन फिलहाल वहां कुआं ही बना है, इंटैक से नदी किनारे तक ब्रिज निर्माण, सम्पर्क सड़क निर्माण व इलेक्ट्रीक रूम बनाने का काम नहीं हुआ। यहां करीब 65 फीसदी काम अधूरा है। मजरावता से बारां तक राइजिंग बिछाने का काम हो गया है, लेकिन टंकियों से मिलान करने वितरण पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा है। स्वीकृत 12 में से दो टंकियों बाबजी नगर व आमापुरा में टंकी नहीं बनी है।
27 मिले 36 करोड़ का हुआ काम
सूत्रों का कहना है कि जनहित की इस योजना को लेकर बजट की उपलब्धता के हाल यह है कि संवदेक कम्पनी की ओर से अब तक करीब 36 करोड़ की लागत से करीब 40 प्रतिशत काम पूरा कर दिया है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक मात्र 27 करोड़ की बजट राशि का ही भुगतान किया है। इससे नौ करोड़ की राशि तो संवदेक कम्पनी की फंसी हुई है। इसके अलावा तत्काल काम शुरू करने के लिए करीब तीन करोड़ की आवश्यकता है। इसके अलावा करीब 11 लाख मजरावता में सम्पर्क सड़क की जमीन मुआवजा के लिए, करीब 67 लाख की राशि सार्वजनिक निर्माण विभाग व करीब एक करोड़ की राशि रोड कटिंग के लिए नगरपरिषद को देना है।
इस वर्ष भी नहीं मिलेगी गर्मी में राहत
सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से बजट आवंटित करने के बाद भी अब तक शेष पड़े करीब 60 फीसदी कार्य को पूर्ण होने में करीब एक वर्ष का समय और लगने की उम्मीद है। बजट उपलब्धता को लेकर बीच में किसी तरह का व्यवधान रहा तो इससे भी अधिक समय लग सकता है। इससे इतना तो कहा जा सकता है कि शहर के लोगों को आगामी गर्मी के सीजन में भी पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इस वर्ष भी जलदाय विभाग की ओर से कुछ कॉलोनियों में एकांतरे मीठे पानी की जलापूर्ति की जा रही है। सीजन के दौरान कई कॉलोनियों में 20-25 मिनट ही पेयजल आपूर्ति की गई थी।
& अमृत योजना के तहत बजट नहीं मिलने से दिक्कत आ रही है। करीब 40 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। इस मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया हुआ है। बजट मिलते ही काम को गति दी जाएगी।
अशोक बैरवा, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग

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