scriptजर्जर भवन में गिरता है प्लास्टर, गिट्टी-सीमेंट, डर से स्थान बदला, पुराने में लग रही कक्षाएं | bad condition of government school in baran | Patrika News
बारां

जर्जर भवन में गिरता है प्लास्टर, गिट्टी-सीमेंट, डर से स्थान बदला, पुराने में लग रही कक्षाएं

कुंभाखेडी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की ढांचागच स्थिति की भयावह तस्वीर सामने आती हैं। यहां पर कहने को तो दो बार भवन निर्माण हो चुका है, लेकिन बाद में बनी बिङ्क्षल्डग की हालत पुरानी वाली से बदतर है। ऐसे में गुणवत्ता के मापदंड जांचने वाले जिम्मेदारों पर भी सवाल उठता है। होने को तो यहां तीन हॉल ,एक कमरा व दो बरामदे हैं। बाद में बने एक हॉल व बरामदे की हालत काफी जर्जर होकर सीमेंट व प्लास्टर गिर रही है। जिनसे खतरा बना हुआ है। ऐसे में पुरानी बिङ्क्षल्डग में ही स्कूल की कक्षाएं लग रही हैं। लेकिन इनकी भी छतें बरसात में टपकती हैं। ऐसे में एक बरामदे में स्कूल चलाना पडता है और वो भी तेज बरसात के दौरान छुट्टी करके बच्चों को घर भेजना पडता है। यहां तक कि रसोई भी टपकती है।

बारांJul 08, 2024 / 11:16 am

mukesh gour

कुंभाखेडी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की ढांचागच स्थिति की भयावह तस्वीर सामने आती हैं। यहां पर कहने को तो दो बार भवन निर्माण हो चुका है, लेकिन बाद में बनी बिङ्क्षल्डग की हालत पुरानी वाली से बदतर है। ऐसे में गुणवत्ता के मापदंड जांचने वाले जिम्मेदारों पर भी सवाल उठता है। होने को तो यहां तीन हॉल ,एक कमरा व दो बरामदे हैं। बाद में बने एक हॉल व बरामदे की हालत काफी जर्जर होकर सीमेंट व प्लास्टर गिर रही है। जिनसे खतरा बना हुआ है। ऐसे में पुरानी बिङ्क्षल्डग में ही स्कूल की कक्षाएं लग रही हैं। लेकिन इनकी भी छतें बरसात में टपकती हैं। ऐसे में एक बरामदे में स्कूल चलाना पडता है और वो भी तेज बरसात के दौरान छुट्टी करके बच्चों को घर भेजना पडता है। यहां तक कि रसोई भी टपकती है।

कुंभाखेडी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की ढांचागच स्थिति की भयावह तस्वीर सामने आती हैं। यहां पर कहने को तो दो बार भवन निर्माण हो चुका है, लेकिन बाद में बनी बिङ्क्षल्डग की हालत पुरानी वाली से बदतर है। ऐसे में गुणवत्ता के मापदंड जांचने वाले जिम्मेदारों पर भी सवाल उठता है। होने को तो यहां तीन हॉल ,एक कमरा व दो बरामदे हैं। बाद में बने एक हॉल व बरामदे की हालत काफी जर्जर होकर सीमेंट व प्लास्टर गिर रही है। जिनसे खतरा बना हुआ है। ऐसे में पुरानी बिङ्क्षल्डग में ही स्कूल की कक्षाएं लग रही हैं। लेकिन इनकी भी छतें बरसात में टपकती हैं। ऐसे में एक बरामदे में स्कूल चलाना पडता है और वो भी तेज बरसात के दौरान छुट्टी करके बच्चों को घर भेजना पडता है। यहां तक कि रसोई भी टपकती है।

लक्ष्मीपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन की बदहाली

हरनावदाशाहजी. एक तरफ सरकार बदली ..उसके बाद शिक्षा एवं शिक्षा के मंदिरों में नित नवाचार भी हो रहे हैं। लेकिन दूरदराज क्षेत्र के शिक्षा के मंदिरों की ढांचागत एवं अन्य स्थितियों में आज भी बदलाव की दरकार नजर आती है।
कुंभाखेडी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की ढांचागच स्थिति की भयावह तस्वीर सामने आती हैं। यहां पर कहने को तो दो बार भवन निर्माण हो चुका है, लेकिन बाद में बनी बिङ्क्षल्डग की हालत पुरानी वाली से बदतर है। ऐसे में गुणवत्ता के मापदंड जांचने वाले जिम्मेदारों पर भी सवाल उठता है। होने को तो यहां तीन हॉल ,एक कमरा व दो बरामदे हैं। बाद में बने एक हॉल व बरामदे की हालत काफी जर्जर होकर सीमेंट व प्लास्टर गिर रही है। जिनसे खतरा बना हुआ है। ऐसे में पुरानी बिङ्क्षल्डग में ही स्कूल की कक्षाएं लग रही हैं। लेकिन इनकी भी छतें बरसात में टपकती हैं। ऐसे में एक बरामदे में स्कूल चलाना पडता है और वो भी तेज बरसात के दौरान छुट्टी करके बच्चों को घर भेजना पडता है। यहां तक कि रसोई भी टपकती है।
प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश गौत्तम ने बताया कि शाला में गत वर्ष 50 छात्र छात्राओं का नामांकन था। इस साल 47 हो चुका है। यहां वर्ष 1999 में 2 हॉल, एक कमरा व बरामदा बना तो जो जर्जर हालत में है और बरसात में टपकता है। जबकि उसके बाद बनी बिङ्क्षल्डग में छत व दीवारों से प्लास्टर की गिट्टी गिरती रहती है जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। परेशानी को लेकर स्कूल में एसएमसी की बैठक आयोजित कर भौतिक स्थिति से अवगत कराते हुए प्रस्ताव बनाकर विधायक एवं सरपंच को भिजवाया है। समिति की बैठक में अध्यक्ष मांगीलाल भील, पटेल रामकल्याण, प्रभूलाल, श्यामलाल, बीरम, गिरिराज, राकेश, मांगीलाल एवं विद्यालय स्टाफ महेंद्र बैरवा उपस्थित रहे।

Hindi News/ Baran / जर्जर भवन में गिरता है प्लास्टर, गिट्टी-सीमेंट, डर से स्थान बदला, पुराने में लग रही कक्षाएं

ट्रेंडिंग वीडियो