चोर मचाए शोर ... देखे बिना आंखो का मोर

शहर में शातिरों की हरकतों पर लगाम कसने के लिए लाखों की लागत खर्च कर ‘तीसरी नजर’ का इंतजाम करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन करीब एक वर्ष में भी पूरे शहर को कैमरों की जद में नहीं लिया जा सका है।

By: Hansraj

Published: 03 Mar 2019, 08:53 PM IST

शहर में बेअसर तीसरी आंख
अभय कमांड सेंटर में भी नहीं है माकूल बंदोबस्त
बारां. शहर में शातिरों की हरकतों पर लगाम कसने के लिए लाखों की लागत खर्च कर ‘तीसरी नजर’ का इंतजाम करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन करीब एक वर्ष में भी पूरे शहर को कैमरों की जद में नहीं लिया जा सका है। कैमरों में कैद होने वाली तस्वीरों पर निगाह रखने के लिए वातानुकूलित अभय कमांड सेन्टर शुरू किया गया। इसके बावजूद शहर के लोगों का भय दूर नहीं हो रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों व व्यस्त बाजारों में शातिर कारस्तानी कर रहे हैं, कई कैमरे शो-पीस बने हुए हंै। शहर में प्रमुख मार्गो, चौराहों, तिराहों से लेकर फोरलेन हाइवे पर करीब 210 सीसी टीवी कैमरे लगाए जाने हैं। फिलहाल करीब डेढ़ सौ कैमरे ही लगे हैं।
कैमरों की केबल भी चोरी
शहर में सक्रिय शातिर कैमरे लगाने के बावजूद वारदात करने से बाज नहीं आ रहे। कुछ शातिरों ने पुलिस निगरानी से बचने के लिए कैमरों के लिए बिछाई केबल लाइन तक चुरा ली और पुलिस हाथ मलती रह गई। ईदगाह कॉलोनी, खजूरपुरा व नयापुरा क्षेत्र से कैमरों की केबल चोरी हुई है। इससे शातिरों के बेखौफ होने का अनुमान लगाया जा सकता है।
नजदीक की तस्वीरें भी धुंधली
कैमरों की आंख का आलम यह है कि वह खुद की केबल काटकर ले जाने वालों को भी देख नहीं पा रहे हैं। कैमरों की स्थिति यह है कि वह दूरी को तो देख पा रहे हैं, लेकिन उसके समीप के करीब 10 से 15 फीट नजदीक की तस्वीरों को कैद नहीं कर रहे हैं।
अभी लगाने हैं 60 कैमरे
सरकार की ओर से शहर को कैमरों की जद में लाने के लिए एक निजी कम्पनी को काम दिया गया। कम्पनी ने शहर में सर्वे कर दो सौ से अधिक स्थान कैमरे लगाने के लिए चिन्हित किए। चिन्हित स्थानों में से कुछ स्थानों पर कैमरे लगाकर विधानसभा चुनाव से पूर्व जुलाई 2018 में अभय कमांड सेन्टर का उद्घाटन कर दिया गया। अब तक भी शहर में करीब पांच दर्जन चिन्हित स्थानों पर कैमरे चालू नहीं किए गए।
इस तरह बच रहे शातिर
तीन दिन पहले शहर के इन्दिरा मार्केट की गली से श्रीराम स्टेडियम के बीच अज्ञात शातिर एक महिला से झांसेबाजी कर सोने की चुडिय़ा, अंगुठी व चेन आदि करीब एक लाख के आभूषण सरेराह खुलवाकर ले गया ओर कैमरों में उसकी साफ-सूथरी सूरत तक नजर नहीं आई। प्रताप चौक गोल कमरे के समीप से स्टेशन रोड पर श्रीराम स्टेडियम तक एक भी कैमरा नहीं है। इसी बीच वारदात हुई है। वहीं श्रीराम स्टेडियम के सामने एक खम्भे पर कैमरे लगे हुए है, लेकिन उनका विद्युत कनेक्शन नहीं है। कुछ अन्य कैमरे भी इसी तरह चालू नहीं हैं। ऐसे में शातिर नजर ही नहीं आ रहे।
इनका यह है कहना
पुलिस व अभय कमांड के तकनीकी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल करीब डेढ़ सौ कैमरे चालू हैं। कुछ जगह कनेक्शन नहीं हुए हैं। इनके लिए डिमांड नोटिस जमा करा दिए गए हंै। इसी माह सभी कैमरों को इंस्टॉल कराकर चालू कराने का प्रयास है।
कैमरे चालू होने के बाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से कैमरों की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं अभय कमांड सेन्टर के नए प्रभारी सब इंस्पेक्टर रामेश्वर जाट ने एक दिन पहले ही यहां ज्वाइन किया है।

Hansraj Photographer
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned