छोटे सफेद कीड़े के डंक से तिलमिला रहे लोग

सफेद रंग के एक छोटे कीड़े (कीट) ने दहशत बरपा दी। मंडी पहुंचे हजारों किसान के साथ व्यापारियों, मुनीम व हम्मालों को शरीर खुजाने पर विवश कर दिया। आलम यह रहा है कि इस कीड़े से बचने के लिए लोगों ने शर्टों की

By: Hansraj

Published: 04 Apr 2019, 08:41 PM IST

कृषि उपज मंडी में ‘डर’
दो दिन से मंडी में पहुंचने वाले लोग हो रहे बेहाल
बारां. कृषि उपज मंडी में गुरुवार को सफेद रंग के एक छोटे कीड़े (कीट) ने दहशत बरपा दी। मंडी पहुंचे हजारों किसान के साथ व्यापारियों, मुनीम व हम्मालों को शरीर खुजाने पर विवश कर दिया। आलम यह रहा है कि इस कीड़े से बचने के लिए लोगों ने शर्टों की पूरी बांह चढ़ा ली तो कई ने आंखों को छोड़ साफियों समेत अन्य सूती वस्त्रों से अपने मुंह ढक लिए। इस छोटे कीड़े बचाव के लिए मंडी प्रशासन ने नगर परिषद में गुहार भी लगाई, लेकिन परिषद अधिकारियों ने इसे कोई तव्वजो नहीं दी। मंडी सूत्रों के अनुसार यह कीड़ा बुधवार को ही मंडी में सक्रिय हुआ है, गुरुवार को तो इसके बहुतायात में सामने आने से इसका आतंक बढ़ गया।
एक डंक के बाद खुजाना शुरू
इस सफेद कीड़े के डंक मारने के बाद आदमी ख्ुाजाना शुरू कर देता है। इसके बाद यह शरीर के दूसरे भाग पर डंक मार देता है। यह कीड़ा असंख्य होने से मंडी पहुंचने वाले लोग इसकी मार से बच नहीं पाते। कीड़े के काटने से लोगों में अज्ञात बीमारी की चपेट में आने की आशंका भी बढ़ती जा रही है। मंडी में हम्माली करने वाले रामेश्वर गुर्जर व ओमप्रकाश ऐरवाल का कहना है कि इनदिनों मंडी में सुबह से रात तक खासी गहमा-गहमी रहती है, इससे हर पल कीड़े का डर सताता रहता है।
बारदाने में आने की संभावना
उपनिदेशक कृषि अतिश कुमार शर्मा का कहना है कि आरम्भिक तौर पर इस कीट (कीड़े) के बारदाने के साथ आने की संभावना है और यदि यह बारदाने के साथ आया तो बीटल (भण्डारण कीट) हो सकता है। इस समय मंडी में नई जिंसों की आवक हो रही है, जिन्हें किसान थ्रेसिंग के बाद मंडी लाते हैं। ऐसे में इसके फसली कीट होने की संभावना कम ही है, लेकिन फिर भी कीट विज्ञानी ही इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे सकते हैं।
ऐसे करना चाहिए नियन्त्रण
शर्मा के अनुसार इस कीड़े पर नियन्त्रण के लिए कीटनाशी मैलाथियान का निर्धारित मात्रा में छिडक़ाव कारगर रहता है। इस हवा में दो से तीन मिली लीटर एक लीटर पानी में घोलकर छिडक़ाव करना चाहिए। बारदाने पर छिडक़ाव के लिए प्रति लीटर पानी में नौ से दस मिली लीटर का घोल बना छिडक़ाव किया जाना चाहिए।
विलीए कीट है यह, सल्फास से काबू
कृषि विज्ञान केन्द्र अन्ता के प्रभारी व कीट विज्ञानी डॉ. डीके सिंह ने यह कीट बारदाने में ही पनपता है तथा इसका मच्छर बारदाने में अंडे देता है। जिनसे बच्चे निकलते रहते हैं। इस पर नियन्त्रण के लिए सल्फास की गोलियां के पैकिट बारदाने के साथ रखने इस कीट पर नियन्त्रण किया जा सकता है। सल्फास की गंध को यह कीट सहन नहीं कर पाता।
-इस कीड़े के बारे में बुधवार को जानकारी मिलने के तत्काल बाद नगर परिषद आयुक्त को मंडी परिसर में कीटनाशके के छिडक़ाव के लिए पत्र लिखा था, लेकिन गुरुवार तक परिषद का कोई भी कर्मचारी यहां नहीं पहुंचा। अब कृषि वैज्ञानिकों से सम्पर्क करेंगे।
ललित डेहरा, निरीक्षक कृषि उपज मंडी बारां

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