चिकित्सक नहीं तो कौन लिखे दवा ?

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नियुक्त चिकित्सकों के अवकाश व अन्य कारणों से अनुपस्थित रहने के दौरान मरीजों को उपचार परामर्श देने को लेकर खासी असुविधा हो रही है। एक ओर चिकित्सकीय मापदंड व विभागीय नियमानुसार चिकित्सक ही उपचार

By: Hansraj

Published: 10 Apr 2019, 07:27 PM IST

नर्सेज एसोसिएशन ने मांगे निर्देश
पीएचसी पर मजबूरन नर्सेज लिखते हैं दवा
बारां. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नियुक्त चिकित्सकों के अवकाश व अन्य कारणों से अनुपस्थित रहने के दौरान मरीजों को उपचार परामर्श देने को लेकर खासी असुविधा हो रही है। एक ओर चिकित्सकीय मापदंड व विभागीय नियमानुसार चिकित्सक ही उपचार परामर्श देने के लिए अधिकृत है, दूसरी ओर कई बार इस तरह के हालत बन जाते हैं कि चिकित्सक नहीं रहने के दौरान मरीज के स्वास्थ्य को देखते हुए उपचार परामर्श देने की जरूरत रहती है।
कई बार मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ जाता है, लेकिन विभागीय स्तर पर इस मामले को लेकर अधिकृत तौर पर स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं दिए जा रहे हैं। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नियुक्त नर्सिंगकर्मियों के समक्ष संशय की स्थित बनी हुई है।
विभाग करे स्थिति स्पष्ट
उक्त मामले को लेकर जिला नर्सेज एसोसिएशन जिलाध्यक्ष घनश्याम मेघवाल ने कहा कि विभाग की ओर से स्पष्ट किया जाए कि सीएचसी, पीएचसी या अन्य चिकित्सा संस्थान में चिकित्सक की अनुपस्थित में मरीज को कौन दवा लिखेगा। नर्सेज को दवा लिखने एवं परामर्श देने का अधिकार है या नहीं। नर्सिंगकर्मी को उसके केडर के मुताबिक नर्सिंग परिचर्या एवं प्रबंधन के अलावा दवा लिखने का अधिकार नहीं है। यदि है तो उसकी गाइड लाइन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए। यहां मंगलवार को उक्त मामले को लेकर जिलाध्यक्ष मेघवाल के नेतृत्व में सीएमएचओ डॉ. सम्पतराज नागर को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने गए प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के नाथूलाल कुमावत, बद्रीप्रसाद नागर, धर्मेन्द्र मीणा, अमित शर्मा, लोकेश मीणा, चेतन नागर समेत अन्य नर्सेज मौजूद थे।
यूं हो गया विरोधाभास
सूत्रों का कहना है कि गत 28 मार्च को उदयपुर जिले के सलुम्बर उपखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उथरदा पर चिकित्सक की अनुपस्थित में वहां पहुंचे मरीजों को दवा लिखने के मामले को लेकर उपखंड अधिकारी की ओर से नर्सिगकर्मी को नोटिस थमा दिया था। नोटिस में मेल नर्स द्वितीय को दवा लिखने के लिए प्राधिकृत नहीं होने पर भी दवा लिखकर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने व उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई थी। इससे नर्सिंगकर्मियों में रोष व्याप्त है। उसके बाद से प्रदेश के विभिन्न जिलों में ज्ञापन दिए जा रहे हैं।
& पीएचसी पर एक ही चिकित्सक नियुक्त रहते हैं, उनके अनुपस्थित रहने के दौरान व्यवस्था के लिए नर्सेज को उपचार करना होता है। इस मामले में दवा लिखने के अधिकार देने व विभागीय गाइड लाइन के अनुसार स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर नर्सेज एसोसिएशन ने ज्ञापन दिया है। इसे उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
डॉ. सम्पतराज नागर, सीएमएचओ

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