भगवान महावीर का ‘गृह प्रवेश’

शहर के शाहाबाद रोड स्थित जैन नसिया मंदिर में रविवार को विधि-विधान से भगवान महावीर समेत दो अहिंनत प्रतिमाएं अस्थाई वेदी पर प्रतिष्ठित की गई। इससे पूर्व दोपहर में इन प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जिलेभर से सकल जैन समाज के लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

By: Hansraj

Published: 07 Jul 2019, 08:13 PM IST

शोभायात्रा में रहा श्रद्धा का सैलाब
नसिया मंदिर में अस्थाई वेदियों पर जैन प्रतिमाओं को किया विराजित
बारां. शहर के शाहाबाद रोड स्थित जैन नसिया मंदिर में रविवार को विधि-विधान से भगवान महावीर समेत दो अहिंनत प्रतिमाएं अस्थाई वेदी पर प्रतिष्ठित की गई। इससे पूर्व दोपहर में इन प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जिलेभर से सकल जैन समाज के लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। खास बात यह रही कि भगवान महावीर की करीब ७ क्विंटल वजन की प्रतिमा को प्रतिष्ठित करने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। इनको प्रतिष्ठित करने के लिए चाकसू से दो विशेषज्ञ मूर्तिकार यहां बुलाए गए थे। सम्पूर्ण आयोजन सागर (मध्यप्रदेश) से आए विधानाचार्य नन्हेलाल शास्त्री द्वारा कराए गए धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। यह तीनों प्रतिमाएं अटरू उपखंड क्षेत्र के नृसिंहपुरा गांव में एक खेत की खुदाई के दौरान मिलीं थीं। तब से यह मोठपुर थाने में रखी गई थी। इन्हें जिला प्रशासन ने जैन समाज बारां की सुपुर्दगी में दिया गया था। इसके बाद प्रतिमाओं को बारां लाकर तेल फैक्ट्री स्थित साबू ऑयल मिल में विश्राम कराया गया था।
शोभायात्रा क जगह-जगह स्वागत
जैन समाज बारां के संरक्षक यशभानु जैन ने बताया कि साबू ऑयल मिल से दोपहर एक बजे प्रतिमाओं की गाजेबाजे के साथ शोभायात्रा रवाना की गई, जो दीनदयाल पार्क, प्रताप चौक से वापस दीनदयाल पार्क पहुंची। जहां से शोभायात्रा बंक रोड, अम्बेडकर सर्किल होते हुए शाहाबाद रोड स्थित जैन नसिया मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में गाजे-बाजे के साथ जैन समाज की महिलाओं का विद्याापूर्ण दिव्य घोष आकर्षण का केन्द्र रहा। शोभायात्रा का शहर में दर्जनों स्थानों पर शीतल पेय, नारियल समेत अन्य इंतजाम कर जोरदार स्वागत किया गया। करीब तीन बजे बाद प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापन कार्यक्रम शुरू हुआ, जो दो घंटे तक चला।
प्रतिष्ठा में बरती पूरी सावधानी
भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा करीब ४६ इंच लम्बी व सात क्विंटल वजनी होने से इसे वेदी पर विराजित करने के दौरान पूरी सावधानी बरती गई। जैन समाज के संरक्षक जैन ने बताया कि इसके लिए चाकसू से दो विशेषज्ञ मूर्तिकार बुलाए गए थे, जिनकी देखरेख में निर्विघ्न कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। शाम को मंदिर परिसर में वातसल्य भोज भी आयोजित किया गया।
यह रहे पुण्यार्जक व भागीदार
भगवान महावीर की प्रतिमा के पुण्यार्जन के लिए चंद्रकला, अशोक व राकेश सेठी ने सर्वाधिक बोली लगाई। जबकि भगवान अरिहंत की बोलियां ईश्वर चंद, सतीश अजमेरा तथा सरोज जैन, विकास व विनोद जैन के नाम रहीं। शोभायात्रा व कार्यक्रम में अशोक गंगवाल, राजकुमार सोनी, विरेन्द्र बडज़ात्या, मुकेश गंगवाल, सुरेन्द्र कामरेड, डॉ. केसी सेठी, गुणवंत पाटौदी, चंद्रकला सेठी, अनिता सेठी, मंजू पाटौदी, रानी नोपडा व प्रीति पाटौदी समेत जिलेभर के सकल जैन समाज के लोगों की भागीदारी रही।

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