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बारां का पायलट प्रोजेक्ट साफ करेगा प्रदेश में रोडवेज सीएनजी बसों की राह

चार माह के ट्रायल में समस्याओं को किया चिह्नित रोडवेज में सीएनजी बसों के परिचालन की कवायदरिपोर्ट के आधार पर होगा बेड़े में शामिल करने का निर्णय
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 18 Oct 2021, 11:12 PM IST

बारां का पायलट प्रोजेक्ट साफ करेगा प्रदेश में रोडवेज सीएनजी बसों की राह

बारां का पायलट प्रोजेक्ट साफ करेगा प्रदेश में रोडवेज सीएनजी बसों की राह

बारां. सीएनजी बसों को राजस्थान रोडवेज के बेड़े में शामिल करने के लिए करीब चार माह पहले शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट का परिणाम जल्दी ही सामने आने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट के तहत सीएनजी बसों के परिचालन को लेकर बारां डिपो में किए जा रहे ट्रायल की अवधि पूरी होने जा रही है। ट्रायल के दौरान रोडवेज प्रशासन की ओर से को विभिन्न तरह की समस्याओं को चिह्नित किया गया है। अब इन समस्याओं व परिचालन व्यवस्था को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट को रोडवेज मुख्यालय भेजा जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर रोडवेज मुख्यालय की ओर से निर्णय किया जाएगा।

सीएनजी पम्प से दूरी पड़ रही भारी
सीएनजी से बसों को रोडवेज के बेडे में शामिल करने में रोडवेज डिपो से सीएनजी पम्प की दूरी भी सबसे बड़ी बाधा बन सकते है। बीच रास्ते में गैस समाप्त होने पर बस को जुगाड़ कर किसी तरह सीएनजी पम्प तक ले जाना होगा। हालांकि इस समस्या के निस्तारण के लिए गैस खपत के ऐवरेज के मुताबिक ही परिचालन किया जाएगा, लेकिन पम्प पर गैस भराव करते समय प्रेशर मेंटेन नहीं रखा गया तो गैस कम भरेगी। इससे बीच रास्ते में बस खड़ी होने की समस्या की आशंका रहेगी। रोडवेज की ओर से डिपो पर ही पम्प लगाया जाए तो विभागीय अधिकारी गैस भरने के दौरान प्रेशर मेंटेन करने की मॉनिटरिंग करेंगे। फिलहाल शहर में मांगरोल रोड स्थित एक सीएनजी पम्प से रोडवेज बसों में गैस भराने की व्यवस्था की हुई है।

चार माह में बढ़ गए पांच रुपए!
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में डीजल पेट्रोल की दर बढ़ती जा रही है। सीएनजी गैस की दर फिलहाल इससे कम है। गैस की किमतों पर प्रभावी नियंत्रण रहा तो यह रोडवेज के लिए घाटे का सौदा नहीं रहेगा। राजस्व की बचत होने के साथ प्रदूषण नहीं होगा तो पर्यावरण को बचाए रखने में भी सहयोगी रहेगा। लेकिन सीएनजी दरों में भी बढ़ौतरी हो रही है। चार माह पहले करीब 60 रुपए किग्रा के भाव आ रहे थे, अब 65 रुपए प्रति किलोग्राम हो गए। रोडवेज बस में ट्रायल के दौरान करीब 5.20 रुपए किलोमीटर प्रति किलोग्राम का औसत आंका जा रहा है। वैसे पुरानी बस में किट लगाया हुआ है। नई बसों में किट लगेेंगे तो औसत सुधरने की संभावना है।

दबाव नहीं तो निकली प्रयासों की हवा
रोडवेज की ओर से जुलाई माह में ट्रायल की कवायद शुरू की गई थी। उस समय बारां से नाहरगढ़ कस्बे तक सीएनजी बस चलाने का रूट चार्ट तैयार कर प्रतिदिन करीब 220 किमी चलाया गया। इसके तहत बारां से नाहरगढ़ तक प्रतिदिन दो फेरे लगाए गए थे। इसके बाद गैस खपत का औसत निकालने के लिए बस को बारां से कोटा तक बढ़ाकर 2७५ किमी प्रतिदिन चलाने का प्रयास किया गया। वर्तमान में इसे प्रतिदिन 2७५ किमी ही चलाया जा रहा है। इसमें गैस भरने के दौरान दबाव की स्थिति का आकलन किया गया। कम दबाव से गैस भरने से बस किमी पूरे नहीं कर रही है। सोमवार को कोटा से बारां लौटते समय यह बस कोटा रोड स्थित होंडा शोरूम के समीप ठहर गई।