कोरोना के साथ बदले मौसम ने बढ़ाई चिन्ता

बारां शहर समेत जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि ने रबी के फसलों में खराबे की संभावना बलवती हो गई। छबड़ा व मांगरोल क्षेत्र में बारिश का दौर काफी देर तक बना रहा।

बारां शहर समेत जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि ने रबी के फसलों में खराबे की संभावना बलवती हो गई। छबड़ा व मांगरोल क्षेत्र में बारिश का दौर काफी देर तक बना रहा। छबड़ा क्षेत्र में बैर के आकार के ओले भी गिरे, इससे खेतों में खड़ी फसलें आड़ी पड़ गई। कोरोना के कहर के साथ मौसम के इस मिजाज ने किसानों की चिंता और भी बढ़ा दी है। बारां शहर में सुबह कुछ देर के लिए रिमझिम बारिश हुई। इसके बाद शाम को अचानक तेज हवा चली और कुछ देर हल्की बारिश हुई।

तेज हवा के साथ बरसी आफत, बारिश के साथ ओले भी गिरे
छबड़ा. कस्बे सहित ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा लगा हुआ था। देर शाम 5 बजे के बाद तेज हवा के साथ बिजली कड़की और 15-20 मिनट में ही तेज बारिश का रूप ले लिया। कई गांवों में बारिश के साथ ओले भी गिरने के समाचार है।
तेज हवा से खेतों में पड़ी कटी हुई गेहूं की फसलें उडऩे लगी वहीं धनिया, सरसों, चना सभी में नुकसान की आशंका है। बुधवार देर शाम हुई तेज बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। किसान प्रतिनिधि शिवनारायण लोढ़ा ने बताया कि धींगाराडी, बामला, मोतीपुरा, नगदा, नगदी, पाली, हानियांहेड़ी सहित निपानिया, बमोरा, बाहरी चावल खेड़ी, सेमली घाटा खेड़ी, फलिया सहित संपूर्ण ग्रामीण इलाकों में देर शाम आधे से 1 घंटे तक लगातार हुई बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। किसान प्रतिनिधि पूर्व सरपंच हरि सिंह मीणा, घाटाखेड़ी सरपंच अमृतलाल मेहरा, सेमली सरपंच मनीष मीणा, फलिया सरपंच शिवनारायण लोधा ने शासन से आपदा की इस घड़ी में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार से करने की मांग की। बारिश का दौर शाम 7 बजे तक जारी रहा।
बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे पर मायूसी
कस्बाथाना. कस्बाथाना क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी। इन दिनों खेतों में फसलें कटी पड़ी है। ऐसे में बूंदाबांदी होना फसल में नुकसान का कारण बन सकता है। कोरोना वायरस के कारण फसल कटाई के लिए मजदूर भी नहीं मिल रहे। ऐसे में कई खेतों में अभी तक फसलें खड़ी है। जिससे किसानों को नुकसान का अंदेशा सता रहा है।
पलायथा. यहां सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार शाम को तेज बारिश और अंधड के चलते खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ। कई खेतों में कटी पड़ी चना, धनिया आदि की फसल में सर्वाधिक नुकसान होगा वहीं गेहूं की फसल भी आडी पड़ जाने से उत्पादन प्रभावित होगा।
जलवाड़ा. कस्बे सहित क्षैत्र के ख्यावदा, बमोरी, कुंडी व नदी पार के कई गांवो में शाम साढ़े पांच बजे आ अंधड़ से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं खेतों में कटी हुई फसल तहस नहस होने के साथ ही भीग गई। हवा से कई घरों के टीन-टप्पर उड़ गए। यहां करीब पौन घंटे तक बारिश हुई। जिससे किसान चिंतित दिखे।
देवरी .कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में बुधवार अल सुबह ही अचानक मौसम बदला और चारों और बादल छा गए। जिसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई जो करीब आधे घंटे तक चली। जिसके कारण लोग चिंतित नजर आए।
भंवरगढ़. ग्रामीण अंचल में दिनभर की तेज गर्मी के बाद अचानक तेज हवाओं के साथ आई काली घटाएं बरसने लगी। जिसके कारण खेतों में कटी पड़ी चना धनिया की फसल में व्यापक नुकसान है। वहीं गेहूं की फसल पर भी आफत के बादल मंडराने लगे हैं। एक-दो दिन में प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद गेहूं कटाई के बारे में सोच रहे थे कि इसी बीच आज बुधवार शाम को बरसात का दौर शुरू हो जाने के कारण किसान चिंतित है।

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