जिंसों की नहीं हो रही नीलामी

कस्बे में आठ साल पहले खोली गई गौण मंडी का अरसे से किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार

करवर।कस्बे में आठ साल पहले खोली गई गौण मंडी का अरसे से किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार मंडी में जिंसों की नियमित नीलामी नहीं हो रही, जिससे किसानों को औने-पौने दामों में जिंसों को बेचना पड़ रहा है। इससे व्यापारियों की मौज हो रही है। वहीं मंडी समिति को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उल्लेखनीय है कि गौण मंडी की घोषणा के बाद 22 सितम्बर 2008 को तत्कालीन विधायक रामनारायण मीणा तथा उसके आठ दिन बाद तत्कालीन सांसद रघुवीर सिंह कौशल ने मंडी का शिलान्यास किया था। इसके बाद कुछ दिन तक तो मंडी में जिंसों की नीलामी हुई, लेकिन फिर बंद हो गई। मंडी में नीलामी शुरू कराने की मांग को लेकर लोगों ने कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

भूमि हाट बाजार के नाम दर्ज

जानकारी के अनुसार गौण मंडी की भूमि हाट बाजार के नाम से दर्ज है। सरकार व ग्राम पंचायत की ओर से उक्त भूमि पर ध्यान नहीं देने से उक्त भूमि अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई है। अब केवल यहां आठ-दस बीघा भूमि ही बची है, जिस पर झाड़-झंकाड़ उगे हुए हैं। वाहन खड़े करने की भी जगह नहीं है। पिछले साल देई में कृषि मंडी खुलने तथा करवर गौण मंडी उसके अधीन आने के बाद मंडी के हालात सुधरने की आस जगी थी, लेकिन कुछ       नहीं हुआ।

जल्द ही जिंस नीलामी शुरू करवाई जाएगी, गौण मंडी के नाम भूमि आवंटित करवाने का प्रयास किया जा रहा है।

हेमराज नागर, देई कृषि मंडी अध्यक्ष

प्रस्तावित गौण मंडी यार्ड में जिंस नीलामी की उचित व्यवस्था नहीं है।ऐसे में जिंसों की नीलामी संभव नहीं है।
माणक चन्द जैन, व्यापार मंडल अध्यक्ष, करवर
मुकेश शर्मा Reporting
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