कैसे पूरा होगा हुनर से रोजगार का सपना

सरकार (Government )ने निर्धन बच्चों (Poor children ) को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए 25 सरकारी स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा (Business studies ) तो शुरू कर दी, लेकिन उक्त स्कूूलों में नए शैक्षणिक सत्र से अनुबंध पर शिक्षक लगाना भूल गए

By: Dilip

Updated: 07 Jul 2019, 11:44 AM IST

बारां. सरकार (Government )ने निर्धन बच्चों (Poor children ) को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए 25 सरकारी स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा (Business studies ) तो शुरू कर दी, लेकिन उक्त स्कूूलों में नए शैक्षणिक सत्र से अनुबंध पर शिक्षक लगाना भूल गए। ऐसे में छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अब राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर नई कंपनी से अनुबंध करेगी। इसके बाद ही स्कूलों में पुन: व्यवसायिक शिक्षा शुरू हो पाएगी।
समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारियों का कहना है कि उक्त स्कूलों मेें हैल्थ केयर, इलेक्ट्रोनिक, ब्यूटी वेलनेस, आईटी व गृह सज्जा विषय संचालित है। प्रत्येक स्कूल में दो-दो विषय संचालित हैं। उक्त स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए चार कंपनियों से अनुबंध किया था। कंपनियों ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए शिक्षक लगा रखे थे। उन्हें भुगतान भी कंपनी ही करती थी, लेकिन 30 जून को अनुबंध खत्म हो गया। ऐसे में कंपनियों ने स्कूलों से शिक्षकों को हटा दिया। इससे छात्र-छात्राओं को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से व्यवसायिक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। छात्र-छात्राओं का अध्ययन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारियों ने राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद को भी पत्र लिखा है।
मानदेय तक नहीं दिया
व्यवसायिक शिक्षा पढ़ाने के लिए आईकेए जयपुर, आईआईआईएमई, आईसेट व एक अन्य कंपनी से अनुबंध किया था। कंपनियों ने प्रत्येक स्कूल में दो-दो शिक्षक लगा रखे थे। इसके बादले प्रत्येक शिक्षक को 18 हजार रुपए मानदेय मिलता था, लेकिन हालात यह है कि कम्पनियां शिक्षकों को लम्बे समय से मानदेय नहीं दे रही हैं। किसी शिक्षक का 2 से 6 माह तो किसी शिक्षक का साल भर का मानदेय बकाया चल रहा है। ऐसे शिक्षकों का करीब 20 लाख रुपए मानदेय बकाया चल रहा है।
अधिकारियों से शिकायत
उधर मानदेय नहीं मिलने से शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबंध में शिक्षकों ने जिला कलक्टर को भी ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी। इसको लेकर समग्र शिक्षा अभियान ने परिषद को अवगत कराया था। हाल ही में 31 मार्च तक शिक्षकों को मानदेय देने के आदेश हुए हैं।
अनुबंध खत्म से स्कूलों से व्यवसायिक शिक्षक हटा दिए हैं। अब राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद शिक्षक लगाने के लिए पुन: नई कंपनी से अनुबंध करेगी। इसके अलावा शिक्षकों का मानदेय बकाया चल रहा है।
लोकेश सुमन, कार्यक्रम अधिकारी, समसा

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