डेंगू के डंक के बाद भारी पड़ रहा ‘पिस्सू’ ,चार और डेंगू रोगी मिले, स्क्रब टायफस का भी जोर

डेंगू के डंक के बाद भारी पड़ रहा ‘पिस्सू’ ,चार और डेंगू रोगी मिले, स्क्रब टायफस का भी जोर

Shiv Bhan Singh | Publish: Sep, 02 2018 04:30:25 PM (IST) Baran, Rajasthan, India

बारां. जिले में इन दिनों डेंगू फैलाने वाला मच्छर व स्क्रब टायफस रोग फैलाने वाला छोटा सा पिस्सू दोनों लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हंै।

बारां. जिले में इन दिनों डेंगू फैलाने वाला मच्छर व स्क्रब टायफस रोग फैलाने वाला छोटा सा पिस्सू दोनों लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हंै। डेंगू संभावित रोगियों की मांसपेशियों को जकड़ रहा है तो स्क्रब टायफस शरीर के अंगों को संक्रमित कर खतरे की घंटी बजा रहा है। कभी बारिश तो कभी उमस रहने से घरों पर कूलर, टंकियों व आसपास के कबाड़ में भरे रहने वाले साफ पानी में जानलेवा डेंगू बुखार (हड्डी तोड़ बुखार) फैलाने वाला मच्छर पैदा होकर सेहत खराब कर रहा है। वहीं घरों के समीप घांस व झाडिय़ों की नियमित कटाई नहीं होने से पिस्सू हावी हो रहा है। शनिवार को समाप्त हुुए सप्ताह के दौरान डेंगू के चार और नए रोगी मिले है। इस सप्ताह स्क्रब टायफस के भी दो और रोगी मिले है तथा अब तक तीन रोगी चिन्हित हो चुके हैं। इन दोनों रोग में प्लेटलेट कम होती है। इससे समय पर नहीं चेतने से दोनों रोग घातक साबित हो रहे हैं।
लापरवाही से बढ़ रहा है डेंगू रोग
लोग उमस होते ही कूूलर शुरू कर रहे हंै तथा बारिश होने के बाद मौसम ठंडा हुआ तो कूलर बंद कर रहे हैं। इससे कूलरों में दो-चार दिन तक साफ पानी भरा रहने लगा है। इसके अलावा घरों के बाहर व छतों पर रखी टंकियों का पानी खाली नहीं हो रहा है। इस साफ जमे हुए पानी में ही डेंगू का एडीज मच्छर पनप रहा है। जिले में गत वर्ष इन दिनों तक डेंगू के मात्र 22 रोगी थे, लेकिन इस वर्ष बढक़र संख्या 55 हो गई, लेकिन लोग घरों में टायर व कबाड़ आदि से पानी खाली नहीं किया जा रहा है।
पिस्सू के काटने से संक्रमण
चिकित्सकों का कहना है कि स्क्रब टायफस रोग पिस्सू के काटने से होता है। काटते ही उसके लार में मौजूद एक खतरनाक जीवाणु रिक्टशिया सुसुगामुशी से मनुष्य के रक्त में संक्रमण फैल जाता है। इस कारण लिवर, दिमाग व फेफड़ों में कई तरह के संक्रमण होने लगते हैं। यह पिस्सू जंगल व खेतों के आस-पास अधिक पाया जाता है। शहरों में बारिश के मौसम में जंगली पौधे या घने घास के समीप इस पिस्सू के काटने का खतरा रहता है। पिस्सू के काटने के दो हफ्ते के अन्दर तेज बुखार, सिरदर्द मांसपेशियों में दर्द व शरीर में कमजोरी आने लगती है। फफोलेनुमा काली पपड़ी जैसा निशान हो जाते हंै।
डेंगू के लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
बुखार, सिर में आगे की ओर आंखों के पास तेज दर्द, बदन तथा जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, भूख न लगना, चक्कर आना तथा शरीर पर लाल चकते होना आदि डेंगू के लक्षण हंै। इसकी रोकथाम के लिए खिड़कियों एवं दरवाजों पर जाली लगाए, मच्छर निरोधक उत्पादों का प्रयोग करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहने। सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, टंकी, परिण्डें, गमलें, फ्रिज की ट्रे आदि खाली करें।
&-डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पैदा होता है। इससे नियमित रूप से भरा हुआ पानी खाली करते रहें। स्क्रब टायफस की रोकथाम के लिए पशु पालन विभाग को कीटनाशक दवा के छिडक़ाव के लिए लिखा जाएगा।
राजेन्द्र मीणा, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य)

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