धन की देवी की पूजा कर मांगी समृद्धि

धन की देवी की पूजा कर मांगी समृद्धि

Shiv Bhan Singh | Publish: Nov, 10 2018 06:44:51 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 06:44:52 PM (IST) Baran, Baran, Rajasthan, India

घर-घर में समृद्धि की देवी लक्ष्मी की शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। गुरुवार को गोवर्धन पूजा व अन्तिम दिन शुक्रवार को

जिले में श्रद्धा व उल्लास से मना दीपोत्सव
भाईदूज पर्व के साथ हुआ त्योहारी उत्साह का समापन
बारां. शहर समेत जिले में पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बुधवार को घर-घर में समृद्धि की देवी लक्ष्मी की शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। गुरुवार को गोवर्धन पूजा व अन्तिम दिन शुक्रवार को भाईदूज का पर्व मनाया गया। इस दौरान गांव, कस्बों व शहर में त्योहारी रौनक परवान पर रही। बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। आतिशी शोर के बीच बच्चों का उत्सवी जोश देखते बना।
शहर में महालक्ष्मी के पूजन का दौर श्रेष्ठ चौघडिय़ां होने से सुबह से ही शुरू हो गया था, हालांकि ज्यादातर घरों में शाम साढ़े बजे वाले मुहूर्त में पूजा-अर्चना की गई। कई लोगों ने रात के मुहूर्त में माता लक्ष्मी का पूजन किया। पूजा के बाद रात को शहर में आतिशबाजी के दौर शुरू हुआ। इस दौरान बच्चों ने फूलझडिय़ां, रोशनी, चक्कर आदि फटाखें फोड़े तो युवाओं सतरंगी आतिशबाजी से लोगों का मन मोहा। सूतली बम्ब समेत अन्य तेज आवाज के फटाखें भी खूब चले। यह दोर रात बारह बजे बाद तक जारी रहा। शहर के आराध्य भगवान कल्याणरायजी (श्रीजी) के मन्दिर पर दर्शन कर दिन की शुरुआत की। यहां सुबह से शयन तक हुई आरतियों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ती रही।
गांवों में गोवर्धन पूजा की धूम
गुरुवार को गोवर्धन पूजा के दिन मंदिरों में अन्नकूट व महाप्रसादी के कार्यक्रम हुए। ग्रामीण अंचल में तो यह पर्व बड़े उल्लास के साथ मनाया गया। घरों की महिलाओं ने घरों की दहलीज पर गोवर्धन भगवान की पूजा की। इस दिन गोधन के साथ कृषि उपकरणों की भी पूजा की गई। बाद में लोगों ने आतिशबाजी भी की। बैलों को पूजा के बाद गांव भ्रमण कराने की रस्म निभाई गई।
टीका लगा मांगी भाई की दीर्घायु
इस पर्व के अन्तिम दिन भाईदूज का पर्व मनाया गया। बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनके टीका (तिलक) लगा मुुंह मीठा कराया तथा दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिए।
भंवरगढ़ . कस्बे सहित आसपास ग्रामीण अंचल में पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सोमवार रात धनतेरस के पर्व पर धनवंतरी की विशेष पूजा अर्चना की गई वहीं मंगलवार को रूप चौदस पर्व पर महिलाओं ने आकर्षक श्रृंगार किया। बुधवार को दीपावली पर्व पर ग्रामीणों ने अपने घरों पर आकर्षक साज.सज्जा की वहीं धन की देवी लक्ष्मी एवं अपने वाहनों की विशेष पूजा अर्चना कर जमकर आतिशबाजी की गई । कस्बे में जगह-जगह किसानों ने घरों के आगे गाय के गोबर से भगवान गौवर्धन नाथ की प्रतिमाएं बनाई । वहां महिलाओं ने विशेष पूजा अर्चना की । मंदिरों में अन्नकूट उत्सव मनाया गया। शक्रवार को भाई दूज के पर्व पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगा। श्रीफ ल भेंट कर उनकी लंबी उम्र की कामना की तो भाइयों ने भी बहनों को सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किए।
जलवाड़ा. कस्बे सहित क्षेत्रीय अंचल के रामपुरा, कुण्डी, ख्यावदा, रामबिलास व नदी पार के अरनिया, दैंगनी,पिपलोद गांव में रोशनी का पावन पर्व उत्साह एवं परम्परागत तरीके से मनाया। बुधवार को दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों की पूजा अर्चना की तो किसानों ने मवैशियों को सजा धजा कर पूजा की। गुरूवार को महिलाओं ने घरों के सामने गोबर से गौवर्धन की प्रतिमाएं बना कर महिलाओं ने परिक्रमा कर सामूहित पूजा अर्चना की व किसान मित्र ट्रैक्टरों की भी पूजा की गई। शुक्रवार को भाई दूज मनाई गई।
पलायथा . उत्साह के लक्ष्मी पूजन करने के बाद गोवर्धन पूजा व अन्नकूट की झांकी के दर्शन किए। इस दौरान लोगों ने मोबाइल फ ोन संदेश से ही दीपावली की राम राम की। बुजुर्गों ने व महिलाओं ने घर घर पहुंच कर रामा श्यामी की और एक दूसरे के घरों पर दीपक ले जाकर परस्या पावणा की परम्परा निभाई। रात को कृषि यंत्रों व पशुओं का पूजन किया। शुक्रवार को बहिनों ने भाइयों के तिलक लगाकर भाई की खुशहाली की कामना की।
रिपोर्ट - हंसराज शर्मा द्वारा
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