अभी से पानी को लेकर हाहाकार,गर्मी में आ सकता है महासंकट.जानिए पानी लेने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है महिलाओं को...

अभी से पानी को लेकर हाहाकार,गर्मी में आ सकता है महासंकट.जानिए पानी लेने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है महिलाओं को...

Shiv Bhan Singh | Publish: Mar, 14 2018 04:22:08 PM (IST) Baran, Rajasthan, India

हैंडपंप व नलकूप सूखे, भारी पेयजल संकट के आसार
कई जगह टैंकरों से भी नहीं पड़ रही पार
लोगों को परेशानी

बारां. गर्मी का असर बढऩे के साथ ही हैंडपम्प व ट्यूबवैल सूखते जा रहे हंै तो लोगों की प्यास बढ़ती जा रही है। वहीं बारिश कम होने के कारण भूजल स्तर गहराने की संभावनाओं से वाकिफ होने के बावजूद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से समय रहते प्रभावी कार्ययोजना की क्रियान्विति नहीं की गई। अब अटरू, नाहरगढ़ कस्बों में चार-छह दिन में एक बार जलापूर्ति की स्थिति आ गई तो प्रयासों को गति दी जा रही है। इस स्थिति में लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिले में जनवरी माह में मात्र 13 गांवों में टैंकर से आपूर्ति हो रही थी, लेकिन दो माह में ही ऐसे गांवों की संख्या बढ़कर चार गुना हो गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ गांव कस्बों में तो संभवतया इस वर्ष पूरी गर्मी लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
59 गांवों में पेयजल संकट
जिले में गर्मी के साथ पानी की मांग बढऩे लगी तो विभाग की ओर से टैंकरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वहीं पानी की मांग करने वाले गांवों की संख्या भी बढ़ रही है। 30 जनवरी तक करीब 13 गांवों व एक ढाणी में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही थी। इसके बाद 19 दिनों में ही (19 फरवरी तक) टैंकर से जलापूर्ति वाले गांवों की संख्या बढ़कर 39 हो गई। अब इनकी गांवों की संख्या बढ़कर चार गुना से अधिक हो गई। वर्तमान में करीब 59 गांव व आधा दर्जन ढाणियों में टैंकरों से पेयजलापूर्ति की जा रही है।
&भू-जल स्तर गहराने से जिले में पेयजल की समस्या तो है, लेकिन फिर भी टैंकरों से आपूर्ति कर भरपूर प्रयास किए जा रहे है। आवश्यकतानुसार नलकूप लगाने व गहराई भी की जा रही है, लोगों को पानी बचाने का भी प्रयास करना चाहिए।
गोपेश गर्ग, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
नाहरगढ़ कस्बे में तीन में से एक नलकूप को ही गहरा किया जा सका। उससे करीब दस हजार लीटर पानी मिल रहा है, इससे कुछ इलाके में राहत मिली है। दो नलकूपों में तो पाइप लोहा आदि के टुकड़े पड़े होने से मशीन नहीं चली। एक और नलकूप को गहरा कराने की तैयारी है। इसके अलावा दो नए नलकूप स्वीकृत किए जा रहे हंै। अटरू में शेरगढ़ परियोजना की लाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है। इसे पूर्ण कर शेरगढ़ से कच्चा पानी लाया जाएगा। उसे अस्थाई प्रेशर फिल्टर से साफ कर आपूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना के मापदंडों के तहत फिलहाल फिल्टर प्लांट तैयार नहीं होने से ऐसा किया जा रहा है। फिर वहां टंकियों को भरने का भी विचार है। कई दिनों से यहां भी 7-8 दिनों में एक जोन में आपूर्ति हो रही है। टैंकर भी चल रहे है।

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