नदी, नालों में उफान के साथ बड़ी संख्या में गांव टापू बन गए, चहुंओर बाढ़ जैसे हालात

नदी, नालों में उफान के साथ बड़ी संख्या में गांव टापू बन गए, चहुंओर बाढ़ जैसे हालात

Shivbhan Sharan Singh | Publish: Sep, 09 2018 04:11:28 PM (IST) Baran, Rajasthan, India

जिले में तड़के गांव, कस्बों व शहरों के लोग घरों व गांवों के आसपास पानी के दरिया देख सहम गए

पांच साल बाद फिर बाढ़ जैसे हाल
अन्ता में हुई छह इंच बरसात, जिले में12 घंटे में127.90 ० मिमी औसत बारिश
जिले में तड़के गांव, कस्बों व शहरों के लोग घरों व गांवों के आसपास पानी के दरिया देख सहम गए। नदी, नालों में उफान के साथ बड़ी संख्या में गांव टापू बन गए, चहुंओर बाढ़ जैसे हालात दिखे। ऐसे में लोग जान-माल की सुरक्षा के लिए जूझने लगे। अटरू उपखंड के कंवरपुरा गांव में एक मकान ढहने से दो बालिकाओं की मौत हो गई तथा आधा दर्जन लोग घायल हो गए। जिलेभर में सैकड़ों परिवारों ने सुरक्षित ठिकानों पर शरण ली। बड़ी संख्या में कच्चे घर जमींदोज हो गए। गांवों के रास्ते बंद होने से मुश्किलें और भी बढ़ गई। विपदा की इस घड़ी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे की मदद की। जिले में बारिश का दौर शुक्रवार रात नौ बजे बाद से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो सुबह आठ बजे तक जारी रहा। इस दौरान जिले में चार से छह इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बारां शहर में सुबह साढ़े सात बजे बाद कई निचली बस्तियों व प्रमुख बाजारों में दो-तीन फीट पानी का भराव होने से अफरा-तफरी मच गई। प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने घरों में सामान ऊंचे स्थानों पर रखना शुरू किया तो व्यापारियों ने दुकानें खोल सामानों को संभाला। हर छोटे-बड़े नदी, नाले उफान पर रहे। सुबह जल्द ही यह जानकारी मिलते ही प्रशानिक व पुलिस अधिकारियों की भागदौड़ शुरू हो गई, जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया। अन्य अधिकारी व पुलिस के जवान भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच लोगों की मदद में जुटे। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के कई गांवों में लोग देर शाम तक राहत पहुंचने का इन्त
सुबह ही घर की दहलीज पर आई आफत
बारां. शहर में शुक्रवार रात करीब नौ बजे शुरू हुआ रिमझिम बारिश का दौर कुछ घंटों बाद तबाही लेकर आएगा, यह किसी ने सोचा तक नहीं था। शनिवार सुबह कई क्षेत्रों के बाशिंदें घरों की दहलीज पर दस्तक दे रहे बरसाती पानी को देख घबरा गए। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को नींद से जगाकर बचाव के जतन शुरू किए। गनीमत यह रही कि यह मंजूर सुबह करीब सात बजे के आसपास नजर आया, जिससे लोगों को संभलने का मौका तो मिल गया। अगर यह सब तड़के होता तो शहर में जनधन की हानि भी हो सकती थी। शहर के अधिकांश इलाकों में दोपहर १२ बजे तक बरसाती पानी घरों व दुकानों से बाहर निकल गया, लेकिन कुछ क्षेत्रों में शाम चार बजे तक लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। कुछ कच्चे मकान भी भरभरा कर ढह गए। पूर्व संभावना के चलते इनमें रहने वाले लोग कई दिनों पहले ही सुरक्षित स्थलों पर चले गए थे।
सुबह से घनघनाने लगे फोन
शहर में सुबह जल्दी ही मोबाइल फोन की घंटियां घनघनाने लगीं, लोगों ने निचले इलाकों में रहने वालेे अपने परिचितों व रिश्तेदारों से एक ही सवाल किया कि घर में पानी तो नहीं आया? बाद में जब शहर के मध्य से गुजर रहा फोरेस्ट नाला पूरे उफान पर आने के बाद खेल संकुल के यहां छलक गया तो शहर स्टेशन रोड, प्रताप चौक, धर्मादा चौराहा, सदर बाजार व इन्दिरा मार्केट की सड़कें दरिया बन गई। बरसाती पानी घरों व दुकानों की दहलीज लांघ अंदर पहुंच गया। इससे करोड़ों रुपए का नुकसान का आरम्भिक आकलन किया गया है।
जल्दो करो, आ गया पानी, जमाओ सामान
सुबह अपने परिवार के लोगों के साथ बाजारों में अपनी दुकानें संभालनेपहुंचे व्यापारियों ने खासी मशक्कत कर नुकसान को कम करने के जतन किए। इस दौरान वे उनके परिजन सामनों को दुकानों में रखे तख्तों पर चढ़ाते रहे। बीच-बीच में जल्दी करो की आवाजों का शोर भी गूंजता रहा। धर्मादा चौराहे से स्टेशन रोड स्थित श्रीराम स्टेडियम तक तीन से चार फीट तक जल भराव रहा। इस क्षेत्र में दुकानों के अलावा नगर परिषद भवन व परिषद की धर्मशाला शाम तक तालाब बने रहे। परिषद कर्मचारी भी खासी मशक्कत के बाद कार्यालय में पहुंच सके। बाढ़ से जिले में करोड़ो रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।जार करते रहे। प्रशासन ने रात को स्थिति नियंत्रण में बताई है।

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