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ताजा सब्जियों से महकने लगे 'शिक्षा के मंदिर, बच्चों में बढ़ा रहे खेती-पर्यावरण के प्रति रुचि

शिक्षा में नवाचार : जिले में 191 स्कूलों को किचन गार्डन विकसित करने की मंजूरी

बारां

Updated: December 07, 2021 10:58:26 pm

बारां. सरकार की ओर से स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने की पहल अब रंग लाने लगी है। जिले के कई स्कूलों में सब्जियों की खुशबू महकने लगी है। हालांकि इन दिनों कोरोना के चलते स्कूलों में मिड-डे मिल पकाकर परोसने का कार्य बंद है, लेकिन स्कूलों में मेथी, पालक, मूली, गाजर, टमाटर, पुदीना, धनिया, आलू, मीठा नीम आदि तैयार हो रहे हंै। बच्चों को प्रारम्भिक स्तर पर ही कृषि कार्य की जानकारी मिल रही है। इससे बच्चों में खेती किसानी के साथ पर्यावरण के प्रति लगाव बढ़ रहा है। बच्चे खुद स्वेच्छा से पौधों की सार-संभाल करने में रुचि दिखाने लेने लगे है।
सरकार की ओर से स्कूलों में उपलब्ध खाली जगह का उपयोग कर उसमें किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत जिले के करीब 191 स्कूलों को चिन्हित कर उनमें किचन गार्डन विकसित करने की स्वीकृति जारी की गई थी। इनमें से अधिकांश स्कूलों में अब ताजा सब्जियों की सुगंध महकने लगी है।

प्रकृति और बागवानी का अनुभव मिलेगा
स्कूलों में दोपहर का भोजन देने की व्यवस्था बहाल होने के बाद सब्जियों को मिड-डे-मील योजना के तहत भोजन पकाने में काम में लिया जाएगा। बच्चों को ताजा सब्जियां खाने को मिलेगी। इससेे बच्चों के भोजन में पोषण तत्वों की कमी पूरी होगी। अभी बच्च्चों को प्रकृति एवं बागवानी का अनुभव मिल रहा है। कुछ स्कूलों में बच्चों को जंक फूड के नुकसान के बारे में जानकारी देकर सेहत के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बच्चे अलग-अलग सब्जियों की गुणवत्ता व उनके खाने के लाभ के बारे में प्रश्न पूछकर शंकाओं को दूर कर रहे हैं। शिक्षक-शिक्षिकाओं की ओर से सब्जियों में पोषण क्षमता की जानकारी दी जा रही है।

बच्चों में भी बढ़ रहा इसको लेकर आकर्षण
नियमानुसार बच्चों को किचन गार्डन में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, लेकिन कई स्कूलों में बच्चे किचन गार्डन के प्रति आकर्षित हो रहे है। निकटवर्ती सुंदलक गांव स्थित विद्यालय के प्रधानाचार्य हंसराज मीणा ने बताया कि इन दिनों विद्यालय में बैंगन, मैथी, पालक, टमाटर उगे हुए है। प्याज और मूली की पौध निकलने लगी है। कुछ और सब्जियां भी हाल ही में उगाई है। विद्यालय की हरित पाठशाला प्रभारी अध्यापिका कुक कम हेल्पर के सहयोग से देखभाल करती हंै। बच्चों को गार्डन में ले जाकर जानकारी भी दे रहे है। खाली कालांश होने पर रूचिकर बच्चे भी पहुंच जाते है। इससे उन्हें भी ज्ञान मिल रहा है।

जिले में कक्षा एक से आठवीं तक के करीब 1314 विद्यालय है। इनमें से करीब तीन माह पहले 191 विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने के लिए स्वीकृति जारी की गई थी। कई विद्यालयों में किचन गार्डन में सब्जियां तैयार हो रही है।
रामपाल मीणा, सहायक निदेशक, सीडीईओ

भौतिक सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर सम्बंधित विद्यालय को सरकार की ओर से पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि का उपयोग विद्यालय विकास में किया जाएगा।
रमेश पंकज, अतिरिक्त जिला पोषाहार प्रभारी
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