सरकारी कारिन्दों को मिल रही मलाई,पार्वती को कर रहे छलनी

सरकारी अधिकारी मलाई की चाशनी में इतने मशगूल हैं कि उन्हें पार्वती का दर्द नजर नहीं आ रहा। अवैध खनन कर पार्वती का सीना चीर रहे हैं

By: Shivbhan Sharan Singh

Published: 04 Jan 2018, 04:49 PM IST

बारां जिले में अवैध खनन लगातार जारी है। सरकारी अधिकारी मलाई की चाशनी में इतने मशगूल हैं कि उन्हें पार्वती का दर्द नजर नहीं आ रहा। लोग अवैध खनन कर पार्वती का सीना चीर रहे हैं लेकिन अधिकारी हैं कि चुप बैठे हैं। पुलिस व वन विभाग की ओर से अलग-अलग कार्रवाई करते हुए अवैध खनन के मामले में चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया गया है लेकिन जिले में जितने बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है, उस हिसाब से जिम्मेदार महकमे कार्र्रवाई को अंजाम नहीं दे पा रहे। बजरी का खनन बदस्तूर जारी है तो नदी-नालों से अवैध रूप से पत्थर भी बेधड़क निकाले जा रहे हैं। बारां के बरडिय़ा इलाके में बुधवार को ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बजरी धुलाई के नजारे दिखे तो उधर किशनगंज मार्ग पार्वती नदी में भी दोपहर के समय एनिकट के समीप बजरी निकासी होती दिखी वहीं पुुलिया की दूसरी साइड में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पत्थर व बजरी निकासी में जुटे थे। किशनगंज के समीप मिसाई रोड पर भी अवैध खननकर्ताओं के हौंसलेे बुलन्द हो रहे हैं। इन सबके बावजूद जिम्मेदार महकमे कभी-कभार छिटपुट कार्रवाइयां कर औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।
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वन क्षेत्र में भी कई खननकर्ता सक्रिय
जलवाड़ा. यहां नाके के तहत वन भूमि पर अरसे से कई जगह अवैध खनन किया जा रहा है। नाका के गढूली, पीलिया क्लोजर व खैंरका क्लोजर में अवैध खननकर्ता श्रमिकों से मुर्रम खुदवा रहे हैं। इस मुर्रम की धुलाई करके नाहरगढ़, परानिया, भंवरगढ़, बजरंगगढ़, छत्रगंज सहित अन्य स्थानों पर ले जा कर तीन से चार हजार रुपए में बेचते हैं। कुछ दिनो पूर्व वन मंडल अधिकारी राजीव कपूर ने गढ़ूली अवैध खनन स्थल का जायजा लिया। वहां गहरी खदान को देख कर दंग रह गए थे। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए अवैध खनन स्थलों को सुरक्षित करने व खनन पर सख्ती से रोक के निर्देश दिए थे। हालांकि वन कर्मी गश्त तो करते हैं। खननकर्ता इतने चालाक हैं कि वे श्रमिकों से दिन भर बजरी खुदवाते है।
वन कर्मियों के आने की सूचना उन्हे पहले ही मिल जाती है। शाम होते ही ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बजरी भर कर ले जाते हैं।
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अवैध रूप से मिट्टी निकाल रहे
किशनगंज. कस्बे के मिसाई रोड पर कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के पीछे के क्षेत्र में महरावता रूण्डी तक माफिया अवैध रूप से मिट्टी का खनन कर बेच रहे है। माफिया नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए दिन रात मिट्टी का खनन कर रहे है। माफियाओं द्वारा खातेदारी के खेतों से भी बिना अनुमति के मिट्टी निकाली जा रही है। माफियाओं के इस खेल की राजस्व विभाग के अधिकारियों को खबर तक नही है। माइन्स विभाग के ढीले रवैये के चलते माफियाओं की मौज हो रही है। खनकर्ताओं द्वारा लीज के नाम पर क्षेत्र में नियमों को दरकिनार करते हुए मनमाफिक तरीके से खनन किया जा रहा है। यहां कस्तूरबा आवसीय विद्यालय के पीछे बड़ी तादात में खानें बना रखी है। माफियाओं की नजर से वनभूमि भी सुरक्षित नही है। यहां बन सड़क निर्माण कर रही संवेदक फर्म द्वारा वनभूमि से मिट्टी निकालकर उपयोग में ले ली गई। मामला उजागर होने के बाद भी वन विभाग की सुस्ती नही टूटी।
& ऐसी कार्रवाई माइन्स विभाग के जिम्मे है। हम भी कार्रवाई करते हैं। मौका दिखवाकर कार्रवाई करते हंै।
सुरेन्द्र पाल शर्मा, तहसीलदार

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