आंख से अंधा नाम नयनसुख, कागजों में उत्कृष्ट स्कूल, मौके पर छत तक नहीं, छह कमरों में लगती हैं आठ कक्षाएं

भंवरगढ़. क्षेत्र के कई विद्यालय के अच्छे परिणाम के बावजूद वहां की व्यवस्था सही नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है कहीं कक्षा कक्षों की कमी है तो कहीं शौचालय तो कहीं चारदीवारी के अभाव में विद्यालयों के पास गंदगी के ढेर है क्षेत्र के डिकोनिया गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय सरकार द्वारा राजकीय उत्कृष्ट उच्च प्राथमिक विद्यालय घोषित किया हुआ है किंतु यहां कई सुविधाओं के अभाव के कारण जहां विद्यार्थी परेशान हैं

By: Shivbhan Sharan Singh

Published: 08 Dec 2019, 05:29 PM IST

भंवरगढ़. क्षेत्र के कई विद्यालय के अच्छे परिणाम के बावजूद वहां की व्यवस्था सही नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है कहीं कक्षा कक्षों की कमी है तो कहीं शौचालय तो कहीं चारदीवारी के अभाव में विद्यालयों के पास गंदगी के ढेर है क्षेत्र के डिकोनिया गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय सरकार द्वारा राजकीय उत्कृष्ट उच्च प्राथमिक विद्यालय घोषित किया हुआ है किंतु यहां कई सुविधाओं के अभाव के कारण जहां विद्यार्थी परेशान हैं वहीं अध्यापकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है विद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहां मिड डे मील के लिए रसोईघर की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण विद्यालय के ही एक कमरे का उपयोग रसोई घर में किया जा रहा है जिसके कारण कक्षा कक्षों की कमी अखर रही है यहां पहली क्लास से आठवीं तक २५२ बच्चों का नामांकन है वहीं विद्यालय में कुल ८ कमरे हैं जिसमें एक कमरे का उपयोग ऑफिस संचालन के लिए किया जा रहा है वहीं एक कमरे में रसोईघर होने के कारण कुल ६ कमरों में ८ कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने की मजबूरी है विद्यालय के प्रधानाध्यापक सरफराज पठान एवं अध्यापक ललित किशोर ओढ़ ने बताया कि यहां रसोई घर तो बना हुआ है किंतु वह खंडहर में तब्दील हो गया है जिसके कारण विद्यालय के कमरे से ही रसोई घर का संचालन हो रहा है यहां तीन कमरों के आगे बरामदे के पिलर तो खड़े हैं किंतु गत कई वर्षों से इन पर छत नहीं होने के कारण भी परेशानी आ रही है यहां के ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में कई बार विद्यालय की समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है किंतु विद्यालय की इस समस्या की और किसी का ध्यान नहीं है यहां विद्यालय के बाहर विद्यालय की खाली जमीन पर चारदीवारी नहीं होने के कारण कचरे एवं घास के ढेर लगे रहते हैं नाली के उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां पानी भी भरा रहता है यहां के ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से विद्यालय में अतिरिक्त कक्षा कक्ष रसोई घर एवं विद्यालय की भूमि पर चारदीवारी करवाने की मांग की है "विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रधानाध्यापकों को एसएमसी में प्रस्ताव लेकर ब्लॉक कार्यालय भिजवाने के आवश्यक दिशा निर्देश पूर्व में दिए जा चुके हैं वहीं आगामी जिला परिषद की होने वाली बैठक में सभी समस्याओं को रखा जाएगा वह जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा "
" सरोज दिक्षित"
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी किशनगंज

Shivbhan Sharan Singh
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