नहीं है कोई रोकने-टोकने वाला, बेरोकटोक हो रही हरे पेड़ों की कटाई

नहीं है कोई रोकने-टोकने वाला, बेरोकटोक हो रही हरे पेड़ों की कटाई
हरनावदाशाहजी. क्षेत्र में वनों की अवैध कटाई का चोरी छिपे सिलसिला जारी है, लेकिन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से काटी गई वनोपज का बेखोफ परिवहन भी हो रहा है। क्षेेत्र में पिछले दो सप्ताह से खैर की लकड़ी से भरे वाहन पुलिस के हत्थे भी चढ़े है, जिनकी पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट में कार्रवाई करके छोड़ दिया। जबकि वन विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि खैर की लकड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।

By: Shivbhan Sharan Singh

Updated: 27 Nov 2019, 04:05 PM IST

नहीं है कोई रोकने-टोकने वाला, बेरोकटोक हो रही हरे पेड़ों की कटाई
हरनावदाशाहजी. क्षेत्र में वनों की अवैध कटाई का चोरी छिपे सिलसिला जारी है, लेकिन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से काटी गई वनोपज का बेखोफ परिवहन भी हो रहा है। क्षेेत्र में पिछले दो सप्ताह से खैर की लकड़ी से भरे वाहन पुलिस के हत्थे भी चढ़े है, जिनकी पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट में कार्रवाई करके छोड़ दिया। जबकि वन विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि खैर की लकड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम पुलिस ने एक मेटाडोर को जब्त किया। जिसमें खैर की लकड़ी भरी हुई थी। इस दौरान स्थानीय वनकर्मी भी मौके पर पंहुचा था। पुलिस ने बताया कि जलाऊ लकड़ी से भरी गाड़ी पकडी़ थी। जिसकी एम वी एक्ट 207 के तहत कार्रवाई की गई। इसी तरह एक सप्ताह पहले भी देवरीमूंढ की तरफ से मेटाडोर में पाल से भरकर लाई जा रही मेटाडोर भी ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने पकड़ी जरुर थी। उसको भी एमवी एक्ट की कार्रवाई करके ही छोड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना हैं कि क्षेत्र में खैर की लकड़ी का परिवहन हो रहा है, लेकिन कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है इसकी पूछने वाला कोई नहीं है। वन विभाग कार्यालय भी अक्सर सूना नजर आता है। यही हाल क्षेत्र के जंगलों में हो रहा है। जलाऊ लकडी के नाम पर जंगल में विकसित हो रहे पेडों का सफाया हो रहा है। लेकिन विभागीय कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही नजर आती है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है खैर के बड़े पेड़ जंगल क्षेत्र में तो इतनी मात्रा में नहीं है ,लेकिन सवाल यह उठता है कि प्रतिबंधित होने के बावजूद बडी मात्रा में परिवहन भी व्यवस्थाओं की पोल खोलता है।
&लकड़ी से भरी पिकअप पकड़ी थी। जिस पर एमवी एक्ट की कार्रवाई की गई। उसमें जलाऊ लकडी थी।
अब्दुल मजीद थानाधिकारी हरनावदाशाहजी
& खैर की लकड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है और वन अधिनियम की कार्रवाई के अधिकार पुलिस व वन विभाग दोनों के पास है। पूरा मामला क्या है पूछकर ही बता पाऊंगा।
राजीव कपूर, डीएफओ बारां
& रात को मेरी पुलिस थानाधिकारी से बात हुई थी तो उन्होंने पुलिस कार्रवाई की बात कही थी। मामला वन विभाग के पास नहीं पहुंचा।
नानक राम, क्षेत्रीय वन अधिकारी छीपाबड़ौद

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