मौसम की मार से किसान बेबस, कई इलाकों में किसानों की उम्मीदों पर गिरे ओले

बारां. मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों को सकते में डाल दिया, किसानों में चिन्ता है कि अब अन्तिम दिनों में चार माह की मेहनत की फसल घर आने से पहले ही हाथ से फिसल न जाए। जिले के कई क्षेत्रों में शनिवार रात को हुई बारिश और ओलावृष्टि से हजारों किसानों की आशाओं पर तुषारापात हो गया।

By: Mahesh

Updated: 01 Mar 2020, 06:37 PM IST

बारां. मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों को सकते में डाल दिया, किसानों में चिन्ता है कि अब अन्तिम दिनों में चार माह की मेहनत की फसल घर आने से पहले ही हाथ से फिसल न जाए। जिले के कई क्षेत्रों में शनिवार रात को हुई बारिश और ओलावृष्टि से हजारों किसानों की आशाओं पर तुषारापात हो गया। रविवार को मौसम खुलने व धूप निकलने से किसानों को मौसम सामान्य होने की उम्मीद तो बंधी, लेकिन फिर से मौसम बिगडऩे की संभावनाओं से वे शंकित रहे। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी विक्षोभ के कारण जिले के दो-तीन गांवों में ओलावृष्टि हुई है। इन गांवों में सरसों की फसल में नुकसान हुआ है, क्योंकि सरसों ही वर्तमान में पूरी तरह पकाव की अवस्था में है। कुछ इलाकों में गेहूं व धनिये की फसलें आड़ी पड़ी हैं। शनिवार देर रात को जिले के दिलोद हाथी व ढिकवानी गांवों के क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। इनमें चने से लेकर बैर के आकार तक के ओले हैं। रविवार सुबह तक इन गांवों में ओले पिघले नहीं थे। सुबह प्रभावित क्षेत्रों के किसान खेतों पर पहुंचे तो चार माह की मेहनत पर पानी फिरने से वे खासे मायूस रहे। कृषि अधिकारियों का कहना है कि अभी मौसम के बारे में कोई पूर्वानुमान लगाना बेमानी होगा।
-जिन किसानों की फसलों में आलों से खराबा हुआ है, वे तुरन्त बीमा कम्पनी को मोबाइल पर जानकारी देने के साथ क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षकों से सम्पर्क करें। मोसम के पूर्वानुमान को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता। जिले में ओलावृष्टि से सरसों की फसल में खराबा होने का अनुमान है।
अतीश कुमार शर्मा, उपनिदेशक कृषि विस्तार

भंवरगढ़. कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचल में शनिवार देर रात तेज हवा के साथ आधा घंटे मूसलाधार बरसात होने से खेतों में कटी पड़ी व खड़ी फसलों पर विपरीत असर पड़ा है। बरसात के दौरान तेज हवा चलने से खेतों में फसलें आड़ी पड़ गई। जिससे किसानों में चिंता व्याप्त हो गई। कस्बे के किसानों का कहना हंै कि अब तक सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था कि शनिवार देर रात तेज हवा के साथ हुई बरसात ने परेशानी में डाल दिया। बरसात व हवा से गेहूं व धनिया की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। तेज आंधी के कारण पुराने बाजार की विद्युत सप्लाई का तार टूट जाने से बस्तीवासियों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। रविवार प्रात: 11 बजे विद्युत निगम द्वारा लाइन को दुरुस्त कर कस्बे की विद्युत आपूर्ति सुचारू हुई। शनिवार रात करीब 9 बजे बरसात के साथ क्षेत्र के कापड़ीखेड़ा गांव में दो-तीन मिनट तक चने के आकार के ओले भी गिरे। जिससे किसानों को चिंता में डाल दिया। 15 मिनट साधारण बरसात होकर बंद हो गई। इसके बाद देर रात 12 बजे के आसपास बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ आधे घंटे तक तेज हवा के साथ मूसलाधार बरसात हुई। जिससे फसलों में व्यापक नुकसान हुआ है।

ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान
कवाई. क्षेत्र में शनिवार रात्रि को अचानक मौसम ने करवट ली थी। इस दौरान करीब पांच से 7 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। कई गांवों में शनिवार रात्रि करीब 8 .30 बजे अचानक तेज हवा के साथ ओलावृष्टि शुरू हुई और बैर के आकार के ओले गिरे। चारणखेड़ी निवासी किसान ने बताया कि करीब 5 से 7 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से गेहूं, लहसुन, चना, धनिया व सरसों सहित सभी फसलें चौपट हो गई। तेज हवा से गेहूं व सरसों की फसल आड़ी पड़ गई। दिलोद हाथी निवासी पूर्व सरपंच दिलीप चौधरी ने बताया कि बालूखाळ क्षेत्र में शनिवार रात को ओलावृष्टि होने से फसलों में नुकसान हुआ है। चौधरी ने सरकार से खेतों में नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। रविवार सुबह भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष बाबूलाल पारेता एवं उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने चारण खेड़ी सहित अन्य गांवों में पहुंचकर प्रभावित किसानों से चर्चा की और सरकार से नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

10 मिनट तक गिरे ओले, सरसों में नुकसान
देवरी. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में शनिवार रात अचानक मौसम बदला और बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिसके बाद देर रात तक रूक-रूक कर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। क्षेत्र के कस्बानौनेरा की सहराना बस्ती में 10 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरने से खेतों में कटी पड़ी सरसों और चने की फसल में नुकसान होने की आशंका है। किसान राजवीर सिंह यादव, जोगमल सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस समय खेतों में सरसों की फसल कटी पड़ी है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कृषि विभाग से सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

किसानों में छाई मायूसी
अटरू . उपखंड क्षेत्र में शनिवार देर शाम व रात्रि को हुई बारिश से किसानों में चिंता व्याप्त हो गई। बारिश व ओलावृष्टि से कई गांवों में खेत में खड़ी सरसों, धनिया, चने, गेहूं सहित अन्य फसल आड़ी पडऩे से नुकसान हो गया। भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री मुकेश मिश्रा, मुख्तार सिंह, गोविन्दपुरा निवासी सुरेंद्र नागर, रामदयाल नागर ने बताया कि तेज हवा व बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। इससे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल में हुआ है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है।
सर्वे कराएं
गऊघाट. नदीपार क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम परिवर्तन होने के साथ ही रात 8 बजे अचानक बारिश होने से किसानों की फसले आड़ी पडऩे से फसलों में नुकसान हुआ है। गऊघाट के बिछालस, खरखड़ा, रामलोथान, व्यासखेड़ी, चांदखेड़ी, बड़ौरा, शेरगढ़, कटावर, सकतपुर, मोठपुर गांवों में शनिवार रात 9 बजे तेज हवा के बारिश व बेर के आकार के ओले गिरे। जिसके कारण गेहूं, धनिया, चना सहित कई फसले बारिश व ओलों से खराब हो गई। किसान महेन्द्र सिंह हाड़ा के संतरे के बगीचे में फूल खीर गए। इसके अलावा वीरेन्द्र सिंह, प्रदीप नागर, कालूलाल राठी, राधेश्याम सहित अनेक किसानों ने फसलों का सर्वे करवाने की मांग की है।

किसानों में चिंता
छबड़ा. यहां शनिवार को देर शाम तेज हवा के साथ बूंदाबांदी होने से किसान चिंतित दिखे। इस दौरान हवा चलने से कई खेतों में गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। ग्रामीणों के अनुसार मौसम बदलाव से फसलों में नुकसान हो सकता है।

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