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अचानक बारां पहुंचे सेना के अफसर और जवान, जिले में 18 क्षेत्र रेड जोन चिह्नित

मानसून से पहले सेना के जवानों ने जिले के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे स्थानों का जायजा लिया, जहां बारिश के दौरान जलभराव व बाढ़ की स्थिति बनती है। जायजा लेने के बाद करीब डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों को रेड जोन चिन्हित किया गया। आर्मी की प्रथम मराठा लाइट इन्फेंट्री के जवान शनिवार को जिले के बारां, छीपाबड़ौद, किशनगंज, छबड़ा, अटरु तथा शाहाबाद क्षेत्र के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने देखा कि बाढ़ के हालात या बाढ़ आने पर इन स्थानों पर किस तरह बचाव कार्य संभव है।

बारांJun 15, 2024 / 11:00 pm

mukesh gour

मानसून से पहले सेना के जवानों ने जिले के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे स्थानों का जायजा लिया, जहां बारिश के दौरान जलभराव व बाढ़ की स्थिति बनती है। जायजा लेने के बाद करीब डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों को रेड जोन चिन्हित किया गया। आर्मी की प्रथम मराठा लाइट इन्फेंट्री के जवान शनिवार को जिले के बारां, छीपाबड़ौद, किशनगंज, छबड़ा, अटरु तथा शाहाबाद क्षेत्र के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने देखा कि बाढ़ के हालात या बाढ़ आने पर इन स्थानों पर किस तरह बचाव कार्य संभव है।

मानसून से पहले सेना के जवानों ने जिले के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे स्थानों का जायजा लिया, जहां बारिश के दौरान जलभराव व बाढ़ की स्थिति बनती है। जायजा लेने के बाद करीब डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों को रेड जोन चिन्हित किया गया। आर्मी की प्रथम मराठा लाइट इन्फेंट्री के जवान शनिवार को जिले के बारां, छीपाबड़ौद, किशनगंज, छबड़ा, अटरु तथा शाहाबाद क्षेत्र के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने देखा कि बाढ़ के हालात या बाढ़ आने पर इन स्थानों पर किस तरह बचाव कार्य संभव है।

बाढ़ आपदा प्रबंधन की कवायद : डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर जाकर बाढ़ के हालात को देखा
बारां.
मानसून से पहले सेना के जवानों ने जिले के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे स्थानों का जायजा लिया, जहां बारिश के दौरान जलभराव व बाढ़ की स्थिति बनती है। जायजा लेने के बाद करीब डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों को रेड जोन चिन्हित किया गया। आर्मी की प्रथम मराठा लाइट इन्फेंट्री के जवान शनिवार को जिले के बारां, छीपाबड़ौद, किशनगंज, छबड़ा, अटरु तथा शाहाबाद क्षेत्र के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने देखा कि बाढ़ के हालात या बाढ़ आने पर इन स्थानों पर किस तरह बचाव कार्य संभव है।
हर साल आती है बाढ़
क्षेत्र में गत वर्षो में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रहे कागला बंबोरी टापू क्षेत्र, सोड़ाना रेबारपुरा प्वाइंट को चिन्हित कर क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान आपदा प्रबंधन विभाग की टीम मौजूद रही। जिन्होंने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की जानकारी दी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की ²ष्टि से किशनगंज तहसील के कागला बंबोरी, सोडाणा, रेबारपुरा गांव को रेड जोन में रखा गया है। इसके तहत आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है।

इससे पूर्व सेना के जवानों तथा आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने बारां क्षेत्र के हनोतियां, घींसरी, छीपाबड़ौद में ल्हासी डेम क्षेत्र परवन नदी के डूब क्षेत्र तथा छबड़ा में पार्वती नदी के गुगोर क्षेत्र में भी जायजा लिया। सेना के जायजे के दौरान कोटा मिलिट्री से भारतीय सेना के आर्मी टीम में आर्मी प्रथम मराठा लाइट इन्फेंट्री कैप्टन शार्दुल कुलकर्णी, कैप्टन केतन पटियाल, सुबेदार जोतिबा पाटिल, सुबेदार सूर्यकांत बादल तथा सिविल डिफेन्स के मोनू पंकज मौजूद रहे।
यह स्थान चिन्हित
बारां के हनोतियां व गुगलहेड़ी, शहर की निचली बस्ती लंका कॉलोनी, अटरु क्षेत्र में देंगनी की पुलिया, बंधा धर्मपुरा एनिकट, गोविन्दपुरा तालाब, अंदेरी नदी रपट, किशनगंज क्षेत्र में पार्वती नदी पर कागला बम्बोरी टापू, रेबारपुरा टापू, करवरीखुर्द की पुलिया, सोडाना, शाहाबाद क्षेत्र के बीलखेड़ा माळ टापू, औगाड़ तथा कुनू नदी क्षेत्र संभावित बाढ़ क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।

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