महासंघ के प्रदेशव्यापी आव्हान पर मंडियों में खरीद-फरोख्त बंद

महासंघ के प्रदेशव्यापी आव्हान पर मंडियों में खरीद-फरोख्त बंद

Shiv Bhan Singh | Publish: Sep, 02 2018 05:33:28 PM (IST) Baran, Rajasthan, India

बारां. राजस्थान खाद्य व्यापार महासंघ के प्रदेशव्यापी आव्हान पर शनिवार को बारां समेत जिले की सभी कृषि उपज मंडियों में कारोबार ठप रहा।

बारां. राजस्थान खाद्य व्यापार महासंघ के प्रदेशव्यापी आव्हान पर शनिवार को बारां समेत जिले की सभी कृषि उपज मंडियों में कारोबार ठप रहा। व्यापारियों बारां मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर राज्य व केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। मंडियों में आगामी ५ सितम्बर तक जिंस की खरीद-फरोख्त बंद रहेगी। मंडी व्यापारियों का कहना है कि इस अवधि में करीब तीस करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होगा। व्यापार मण्डल के अध्यक्ष देवकी नन्दन बंसल व क वर्ग व्यापार संघ के अध्यक्ष श्याम सुन्दर लश्करी ने बताया कि प्रदेश व्यापी हड़ताल पांच सूत्रीय मांग पत्र को लेकर कि जा रही है। प्रदेश की सभी २४७ कृषि मंडियों में कारोबार ठप हो गया है। व्यापारियों की प्रमुख मांगों में सरकार ईनाम योजना को लागू नहीं करें, कृषि जिन्सों का वायदा कारोबार नहीं हो, व्यायसायिक नाम परिर्वतन करवाने पर ली जाने वाली शुल्क राशि व्यवस्था निरस्त की जाए। मंडियो में यूडी टैक्स की वसूली भी बन्द होनी चाहिए। केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न जिन्सों की समर्थन मूल्य पर खरीद करने पर आढ़त दी जाए। वर्ग व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष विमल बंसल ने बताया कि मंगलवार को व्यापारी रैली निकालेंगे व मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को पांच सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन दिया जाएगा। प्रदर्शन में क वर्ग व्यापार संघ के उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता, अश्वनी बंसल, आनन्द बंसल व मनोज कुमार समेत कई व्यापारी शामिल थे।
25 फीसदी विद्यार्थी अब भी फिसड्डी
बारां. केन्द्र व राज्य सरकार के दखल के बाद भी जिले के शैक्षणिक स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है। यह हकीकत प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (पांचवीं बोर्ड) के परीक्षा परिणाम में सामने आई है। आंकड़ों पर नजर डाले तो पांचवी बोर्ड में 25 फीसदी छात्र-छात्राओं के सी व डी ग्रेड आई है। उक्त आंकड़ों में बी गेे्रेड को भी शामिल कर लिया जाए तो यह काफी बढ़ जाएगा। जिले के 5 हजार 70 को सी व डी तथा 9 हजार 183 विद्यार्थियों को बी गे्रेड मिली है। केन्द्र सरकार ने बारां को महत्वकांक्षी जिलों में शामिल किया है। शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार दोनों ही प्रयास कर रहे हंै। मानव संसाधन मंत्रालय व नीति आयोग ने भी अनेक योजनाएं चलाई हंै। शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए एनजीओ भी कम कर रहे है। एसआईक्यूूई पद्धति से पढ़ाने, शिक्षक ग्रीष्मकालीन आवासीय प्रशिक्षण शिविर सहित अनेक प्रयास किए जा रहे हंै, लेकिन फिर भी शैक्षणिक स्तर में सुधार नहीं हुआ है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned