कई मकान धराशायी, किसानों में मायूसी ,फसल खराबे से किसान आहत

कई मकान धराशायी, किसानों में मायूसी ,फसल खराबे से किसान आहत

Shivbhan Sharan Singh | Publish: Sep, 09 2018 04:48:29 PM (IST) Baran, Rajasthan, India

मुख्य नदी, नालों में उफान के चलते शनिवार को दिन भर कई मार्ग अवरुद्ध रहने से दर्जनों गांव टापू बने रहे।

छबड़ा. क्षेत्र में बारह घंटे से भी अधिक समय तक लगातार हुई भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। मुख्य नदी, नालों में उफान के चलते शनिवार को दिन भर कई मार्ग अवरुद्ध रहने से दर्जनों गांव टापू बने रहे। बारिश से कस्बे सहित क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिरे हैं। कई जगह बारिश के साथ तेज आंधी चलने से फसलें भी आड़ी पड़ गईं। बारिश से क्षेत्र में बहने वाली पार्वती, रेतली, बैथली, अंधेरी व ल्हासी में उफान आ गया। हिंगलोट बांध पर चादर चल गई। बैथली बांध में भी पानी की जोरदार आवक हुई है। ल्हासी बंाध के गेट खोले गए हैं। जैपला गांव में बैथली बांध की निर्माणाधीन पुलिया व बायपास रोड़ पर पानी आने से आधा दर्जन से अधिक गांव टापू बन गए। कोटरापार की बीमार महिला को ग्रामीणों द्वारा जान जोखिम में डाल कर खाट पर लेटाकर नदी पार कर छबड़ा लाया गया। छबड़ा-कुंभराज मार्ग अवरुद्ध हो गया तथा इससे जुड़े हानाहेड़ी, पाली, तेलनी ग्राम पंचायत के डेढ़ दर्जन गांव टापू बन गए। कस्बे में जोगी मोहल्ले में छोटे शाह का कच्चा मकान व नगर पालिका की साइट की चार दीवारी का करीब 30 फीट हिस्सा ढह गया।
छीपाबड़ौद. कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में शनिवार तड़के बारिश का उग्र रूप नजर आया। क्षेत्र के कई नदी, नाले उफान पर रहे। इनके आसपास निवास कर रहे लोगो की निचली बस्तियों में पानी घुसने से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भौर होने के साथ लोगो ने अपने आसपास जल भराव देखा और बारिश से आमजन की दिनचार्या पर ब्रेक लगने के साथ कई मुख्य मार्गों सहित मुख्यालय से जुडे गांवो की ओर वाहनो का आवागमन नही होने से सम्पर्क कटा रहा। ल्हासी परियोजना के खजुरिया डेम मे पानी की आवक बढऩे से गेट खेले गए। जिससे ल्हासी नदी की सरकारी पुलिया पर पानी फिरने से प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से वाहनो के आवागमन पर रोक लगाई गई। उपखण्ड अधिकारी हीरालाल वर्मा टीम के साथ चिन्हित स्थानो का दौरा करते रहे।
सीसवाली. कस्बे में मुसलाधार बारिश के चलते बस स्टैंड क्षेत्र व दुकानों में पानी भर गया। दुकानों के काउंटर, फर्नीचर समेत बिक्री के सामान खराब हो गए। धाकड़ गली में एक कच्चा मकान गिर गया। तिसाया गांव में तालाब के नीचे वाली बस्तियों में कच्चे घर व धुमरखेरी गांव में दो मकान ढह गए। खाड़ी नदी की पुलिया पर पांच फीट पानी बह निकला। वहीं सीसवाली-अंता मार्ग बंद होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़।
बामला. कस्बे में बरसात से बाढ़ जैसे हालात हो गए। कई निचली बस्तियों मे बारिश का पानी भर गया तो करीब तीन कच्चे मकान ढह गए। हालांकि किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी नही हुई। इसी तरह कस्बे के दोनों बड़े तालाबों पर इस बरसात से चादर चल गई। मुख्य सड़क पानी बहने से दरिया जैसी नजर आई। जिसके कारण वाहन चालकों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खेतों में भरा पानी
रायथल. यहां तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नदी नाले उफनने से खेतों का पानी भर गया। रायथल, मूंडला, मूंडली, महुआ, सीमली समेत कई गांवों में पानी भर गया। सीसवाली-बारां रोड पर कांकरिया खाळ की पुलिया, मूंडला की नई पुलिया व सीमली रपट पर कई फीट पानी का भराव हो गया। इससे दिनभर आवागमन बंद रहा। भाजपा के अंता विधानसभा प्रभारी प्रखर कौशल ने जिला प्रशासन से फसल, क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर मुआवजा जारी करने की मांग की है।
जन-जीवन अस्त-व्यस्त
मऊ. बारिश से क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं। कई गांवों का मांगरोल उपखंड मुख्यालय से सम्पर्क कट गया। कई मकानों में जल भराव हो गया। कुछ कच्चेे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान के अलावा काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हुई बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई गांवो के रास्ते अवरूद्व हो गए। लोगों को मकान खाली कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
बरसात से उफने नदी नाले
हरनावादाशाहजी. कस्बे समेत समूचे इलाके में रात भर चले अनवरत बरसात के दौर से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। नदी, नालों में पानी की आवक बढने से कस्बे का कई गांवों से घंटों तक सम्पर्क कटा रहा। परवन नदी में पानी की जोरदार आवक होने से अकलेरा मार्ग की पुलिया पर आठ फुट से अधिक पानी का बहाव रहा जबकि कामखेड़ा मार्ग स्थित रामसेतु पर भी पांच फीट पानी रहने से अकलेरा जाने के सारे रास्ते बंद हो गए। सुबह भी रुक-रुक कर हुई तेज बरसात से कस्बे के बाहर बहने वाले खाळों में जबरदस्त उफान रहा। मनोहरथाना मार्ग स्थित खाळ की पुलिया पर तीन फुट से अधिक पानी का बहाव रहने से करीब दो घंटे तक रास्ता बंद रहा। दीवार के पास मवेशी बंधे हुए थे लेकिन दीवार बाहर खाळ की तरफ गिरने से बड़ी दुर्घटना टल गई। दीगोदजागीर ग्राम पंचायत के अमरपुरा गांव में भी कच्चे मकान की दीवार गिरने से अंदर सो रहे परिवार के लोगों के मामूली चोंटे आने की सूचना है।
रातभर फंसा रहा
भंवरगढ़. किशनगंज उपखंड के भंवरगढ-नाहरगढ़ मार्ग पर ढिकोनिया गांव के निकट पुल निर्माण कार्य कर रही एक संवेदक फर्म का चौकीदार घट्टी गांव निवासी मिमई दास (४५) शुक्रवार रात अचनाक पुलिया पर तेज गति से पानी आने फंस गया। वह रातभर नवनिर्मित पुलिय पर बनी टापरी में फंसा रहा। शनिवार सुबह चरवाहों ने उसे देखा। करीब ११ बजे पोकलेन मशीन की मदद से बाहर निकाला।

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