scriptNow the residents of Baran will also drink the water of Majrata Dah al | अब हीकड़ के साथ मजरावता दह का पानी भी पिएंगे बारां के बाशिंदें | Patrika News

अब हीकड़ के साथ मजरावता दह का पानी भी पिएंगे बारां के बाशिंदें

शहर में मुख्य पेयजल स्रोत पार्वती नदी के हीकड़दह के अलावा अब आठ-दस दिन में इसी नदी के मजरावतादह से भी पानी बारां पहुंचने लगेगा। मजरवाता से अटरू रोड स्थित विभाग के कार्यालय के जल शोधन संयंत्र (फिल्टर प्लांट) में पानी पहुंचने लगेगा।

बारां

Updated: January 14, 2022 10:40:24 pm

बारां. शहर के लोगों को गर्मी के दिनों में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। शहर में मुख्य पेयजल स्रोत पार्वती नदी के हीकड़दह के अलावा अब आठ-दस दिन में इसी नदी के मजरावतादह से भी पानी बारां पहुंचने लगेगा। मजरवाता से अटरू रोड स्थित विभाग के कार्यालय के जल शोधन संयंत्र (फिल्टर प्लांट) में पानी पहुंचने लगेगा। इसके लिए टेस्टिंग प्रक्रिया जारी है। बारां को हीकड़दह से प्रतिदिन १७० लाख लीटर पानी मिल रहा है। जबकि मजरावता दह से रोजाना ८० लाख लीटर पानी मिलेगा। दोनों पेयजल स्रोतों से पानी मिलने से शहर की अमृत योजना का काम भी काफी हद तक पूरा हो जाएगा। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता डालूराम मेहता ने बताया कि मजरावता दह से शहर के अटरू रोड स्थित दो पुराने फिल्टर प्लांटों तक लगभग १५ किमी लम्बाई में लाइन बिछाने के बाद अब टेस्टिंग का कार्य अन्तिम दौर में चल रहा है। अगले चार-पांच दिनों में यह का पूरा होने के बाद नियमित रूप से बारां तक पानी पहुचने लगेगा। मजरावता दह में फिलहाल वहां पूर्व में उपयोग में लाए जा रहे दो पम्पों से पानी लिफ्ट किया जाएगा। इस लाइन से बारां शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए ८० लाख नीटर अतिरिक्त पानी मिलेगा। इससे गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मजरावता दह का पानी बारां पहुंचने से यहां कई वर्षों से अधूरी अमृत योजना को भी संबल मिलेगा। योजना के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्र में १२ पेयजल टंकियां (उच्च जलाशय) बनाए गए हैं। इनमें वर्तमान में कॉलेज रोड, शिवाजी कॉलोनी, शाहाबाद दरवाजा व गजनपुरा की पेयजल टंकियों में पानी पहुंच रहा है। मजरावता दह से पानी मिलने के बाद शेष ८ टंकियों को भरा जा सकेगा। इनसे करीब डेढ़ दशक पूर्व बारां शहर की सीमा में शामिल किए गए ११ गांवों के लोगों की प्यास भी बुझ सकेगी।
जुगाड़ से रोका हुआ है हीकड़दह में पानी
अतिवृष्टि व बाढ़ जैसे हालात में शहर के मुख्य पेयजल स्रोत हीकड़दह के एनिकट की नदी के किनारे से लगे एक खेत की लगभग ५० मीटर लम्बाई में मिट्टी बह गई थी। इस क्षेत्र में एनिकट के निर्माण के लिए जलदाय विभाग ने जल संसाधन विभाग से इस्टीमेट बनवाकर मंजूरी के लिए विभाग के मुख्य अभियंता को भेजा था। वहां से इस प्रस्ताव पर आक्षेप लगा पूर्ति के आदेश मिले थे। अब दो दिन पूर्व बुधवार को नया प्रस्ताव भेजा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसे भी इस माह में मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद जल संसाधन विभाग के माध्यम से कार्य शुरू कराया जाएगा। इस प्रस्ताव की कुल लागत ३ करोड़ ८९ लाख रुपए आकी गई है।
& इस वर्ष शहर में गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। बाढ़ से हीकड़दह में एनिकट के बाद से क्षतिग्रस्त हुए ५० मीटर हिस्से में भी एनिकट की तरह दीवार बनाई जाएगी। दो दिन पूर्व मुख्य अभियंता को इसके प्रस्ताव के आक्षेप की पूर्ति कर भेज दिया है। अब कुद ही दिनों बाद बारां शहर में २५० लाख लीटर पेयजल उपलब्ध होने लगेगा।
अरविंद खींची, अधिशासी अभियंता, जलदाव विभाग बारां

अब हीकड़ के साथ मजरावता दह का पानी भी पिएंगे बारां के बाशिंदें
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