राजस संघ ने रोके चार करोड़, वसूली के निर्देश

3 करोड़ 86 लाख 49 हजार 832 रुपए खाद्य निगम जयपुर को नहीं जमा कराए। यह राशि करीब नौ माह से बकाया चल रही है।

By: Shivbhan Sharan Singh

Published: 04 Jan 2018, 04:10 PM IST

बारां. राशन डीलरों तक चीनी भेजकर राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय सहकारी विकास संघ ने राशि तो वसूल कर ली है लेकिन 3 करोड़ 86 लाख 49 हजार 832 रुपए खाद्य निगम जयपुर को नहीं जमा कराए। यह राशि करीब नौ माह से बकाया चल रही है।जिले में 593 राशन डीलर हैं। उक्त डीलरों तक चीनी पहुंचाने का कार्य मार्च तक राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय सहकारी विकास संघ लिमिटेड पर था। इसके तहत खाद्य निगम जयपुर चीनी का आवंटन जारी करता था। फिर आवंटन की लिस्ट संघ को भेजी जाती थी। इसी लिस्ट के आधार पर चीनी संघ के गोदामों में पहुंचती थी। यहां से संघ प्रत्येक डीलर को चीनी भेजता था लेकिन मार्च से चीनी का आवंटन बंद हो गया।
इस बीच संघ ने सभी डीलरों तक चीनी की बकाया राशि वसूल कर ली लेकिन चीनी की कीमत खाद्य निगम जयपुर को नहीं भेजी । यह राशि करीब 16 हजार क्विंटल चीनी की बकाया है। उधर निगम ने इतनी बड़ी राशि नहीं जमा कराने को गंभीरता से लिया है। उसने जिला रसद अधिकारी को पत्र लिखकर बकाया राशि की वसूली करने की मांग की है।
डेढ लाख रुपए बनता है ब्याज
संघ राशि को नौ माह से जमा नहीं करा रहा है। ऐसे में 4 प्रतिशत के हिसाब से प्रतिमाह का 1 लाख 54 हजार रुपए ब्याज बनता है। यदि राशि समय पर निगम को मिल जाती है तो अतिरिक्त राजस्व का फायदा अलग से होता। राशि नहीं मिलने से प्रतिमाह निगम को नुकसान हो रहा है।
इन परिवारों के लिए आती थी चीनी
जिले में 67 हजार 988 बीपीएल व अंत्योदय परिवार हैं। उक्त परिवारों के लिए मिलों से चीनी आती थी। प्रत्येक राशनकार्ड पर प्रतिमाह 500 ग्राम चीनी प्रति सदस्य मिलती थी। खाद्य निगम ने अब चीनी उठाव की जिम्मेदारी राजस्थान राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम को दे दी है। साथ ही बीपीएल परिवारों की चीनी बंद कर दी है। केवल अंत्योदय परिवारों को प्रति राशनकार्ड एक किलो चीनी दी जाएगी।
& फिल्हाल एक करोड़ रुपए जमा करवाएंगे। बाकी राशि कितनी बकाया है। उसका रिकॉर्ड देखकर ही कहा जाएगा।
भंवर सिंह चौहान, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय सहकारी विकास संघ बारां

Patrika
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