रूठे परिवारों में आई अपनत्व की बहार

बारां . जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जिले के समस्त न्यायालय परिसरों में सभी मामलों की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

By: Mahesh

Updated: 10 Mar 2019, 06:30 PM IST

बारां . जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जिले के समस्त न्यायालय परिसरों में सभी मामलों की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर लोक अदालत की सात बेंचों ने मामलों की सुनवाई कर कई का समझाइश से निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश शिवकुमार ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 6 हजार मुकदमों को चिन्हित कर उनके पक्षकारों को समझौता वार्ता के लिए नोटिस जारी किए गए थे। राजीनामा के लिए एडीआर सेन्टर, जिला न्यायालय परिसर एवं तालुकाओं में गठित की गई लोक अदालत बेंच के समक्ष उपस्थित होने के लिए तलब किया गया। लोक अदालत में रखे गए मामलों में से लंबित मामलों में 304 तथा प्री-लिटीगेशन के 52 मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
तलाक लेने आए, खुशी-खुशी गए
प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत 2019 में कई ऐसे पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण किया गया, जिनमें पति-पत्नी का रिश्ता तलाक के कगार पर पंहुच चुका था। ऐसे पांच दम्पतियों के मध्य समझाइश करवाकर उनको खुशी-खुशी साथ रहने के लिए राजी किया। ऐसे प्रकरणों में पूर्ति गुप्ता एवं भारती गौतम महिला अधिवक्तागण ने प्री-काउन्सलिंग कर राजीनामा कराया। वहीें 33 पारिवारिक मामलों में राजीनामा हुआ।
छबड़ा. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बारां एवं स्थानीय तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को यहां के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वरिष्ट सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में किया गया। समिति के सचिव हनुमान सहाय मीणा के अनुसार लोक अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं ने से भाग लिया। लोक अदालत में सुखद बात यह रही कि जो दंपती किन्हीं कारणों से रूठ कर अलग-अलग रह रहे थे, उनको राजीनामे के माध्यम से एक दूसरे को माला पहनाकर कुशल मंगल की कामना के साथ घरों के लिए विदा किया गया। लोक अदालत में बिछुड़े हुए 11 परिवारों को फिर से जोड़ा गया। लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरण जिनमें प्री लिटिगेशन एवं कोर्ट के 1971 प्रकरण रखे गए। जिनमें से 50 प्रकरणों का राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण एवं बैंक रिकवरी के प्रकरणों में 6 लाख 8 हजार 5 सौ रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई। लोक अदालत में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेंकट कुमार वैष्णव, मुकेश कुमार शर्मा, भूपेंद्र योगी, किशन सिंह मीणा, दिलीप वैष्णव, संजू खान, चंद्रशेखर, सुरेश मीणा एवं पीएलवी हेमराज कुमावत सहित बैंक अधिकारियों ने भाग लिया।
अन्ता. यहां शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाइश से कई लंबित एवं प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों का निपटारा किया गया। इस दौरान अन्ता न्यायालय में बैंक प्रिलिटिगेशन एवं तालुका प्रिलिटिगेशन के १४ प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण कर ३० लाख ९९ हजार ७०० रुपए की अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं दीवानी तथा फौजदारी से सम्बन्धित 24 प्रकरणों का निस्तारण कर एक में 23300 रुपए की अवार्ड राशि जमा हुई। तालुका विधिक सेवा समिति की ओर से आयोजित लोक अदालत की अध्यक्षता आरजेएस नीति वर्मा ने की। बैंच में पीएलवी प्रेमलता खत्री, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेन्द्र तिवारी, ज्योति मेहरा, साजिदा बानो, अधिवक्ता अनूप कुमार मेघवाल, महेन्द्र सोनी, भगवान प्रसाद दाधीच, अक्षयराज सिंह सहित न्यायिक कर्मियों ने आपसी समझाइश से दोनों पक्षों में सुलह कराई। तालुका अन्ता के सचिव भूपेन्द्र चौधरी ने बताया कि लोक अदालत के अवसर पर शनिवार को न्यायालय परिसर में मेला सा लगा रहा।
अटरू. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को तालुका विधिक सेवा समिति अटरू में प्रथम बैंच मेें आरजेएस कृष्णा गुप्ता व द्वितीय बैंच में आरजेएस अकुंर गुप्ता की अध्यक्षता मेें लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें राजीरामा योग्य ६९ व प्रिलिटिगेशन के २ प्रकरणों का निस्तारण आपसी समझाइश से किया गया। अधिवक्ता श्याम सुन्दर गुप्ता व विनोद प्रताप सिंह ने लोक अदालत में सहयोग दिया।

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